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Thursday, July 24, 2008

भारत में प्रसारण के 81 वर्ष पूरे और रेडियोनामा का एक जरूरी ऐलान

कल तेईस जुलाई थी ।
तेईस जुलाई का दिन भारत में रेडियो प्रसारण के इतिहास का मील का पत्‍थर रहा है ।
तेईस जुलाई 1927 को भारत के पहले रेडियो स्‍टेशन का उदघाटन हुआ था । जी हां मुंबई रेडियो स्‍टेशन का आग़ाज इसी दिन लॉर्ड इरविन ने किया था । उन दिनों रेडियो इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी की मिल्कियत हुआ करता था ।
कल आकाशवाणी के मुंबई केंद्र ने अपनी स्‍थापना के 81 वर्ष पूरे किये ।
इसका मतलब ये है कि भारत में संगठित प्रसारण के 81 वर्ष पूरे हो गये हैं । रेडियो के सभी जुनूनियों के लिए ये दिन वाक़ई गर्व और हर्ष भरा है ।
रेडियोनामा पर आज मैं एक महत्‍त्‍वपूर्ण ऐलान करने आया हूं ।
भारत में प्रसारण के इतिहास पर हिंदी में इंटरनेट पर सटीक जानकारी का अभाव है । कल यूं ही बातों बातों में मैंने अपने वरिष्‍ठ साथी कमल शर्मा को इस बात के लिए राज़ी कर लिया है कि वो रेडियोनामा पर अपना साप्‍ताहिक स्‍तंभ आरंभ करेंगे । ये स्‍तंभ भारत में प्रसारण के इतिहास पर केंद्रित होगा । कैसे भारत में रेडियो का युग शुरू हुआ, आकाशवाणी की संकेत-धुन किसने बनाई । कौन कौन से महत्‍त्‍वपूर्ण केंद्र खुले । तमाम बातें इस स्‍तंभ के जरिए आप तक पहुंचेंगी । जैसा कि आपको बताया लिखवार होंगे कमल शर्मा और छापाकार होगा आपका ये
दोस्‍त ।
सोचा तो ये गया है कि कमल शर्मा का ये स्‍तंभ हर रविवार को आपके सामने पहुंचे ।
कमल जी की तैयारियां जारी हैं । प्रसारण के इतिहास को लेकर लगातार लिखना और शोध करना मशक्‍कत का काम है । रेडियोनामा को लगातार सार्थक और उपयोगी बनाने की दिशा में ये एक महत्‍त्‍वपूर्ण क़दम होगा ।

इस पोस्‍ट में दिया गया कैरिकेचर हमारे मित्र निर्मिष ठाकर ने बनाया है ।

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