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रेडियोनामा की नियमावली

रेडियोनामा की पॉलिसी 


अगर रेडियोनामा को एक सम्‍मानजनक और महत्‍वपूर्ण ब्‍लॉग बनाना है तो हमें निश्चित रूप से कुछ मानदंड तैयार करने होंगे
हमें एक अनुशासन रखना होगा। भले इसके लिए रेडियोनामा को किसी को भी नाराज़ करना पड़े। 


1. रेडियोनामा पर हम रेडियो की (अ-राजनीतिक) बातों के सिवाय कुछ नहीं छापेंगे। 
स्‍पष्‍टीकरण: रेडियोनामा पर ऐसा कुछ नहीं छपेगा जो इसे संगीत ब्‍लॉग बनाए। ये संगीत ब्‍लॉग नहीं है। यूनुस ख़ान, सागर नाहर और संजय पटेल क्रमश: रेडियोवाणी, महफिल और सुर-पेटी जैसे संगीत ब्‍लॉग चलाते हैं 
किंतु रेडियोनामा पर संगीत की बात नहीं करते। अगर मन्‍ना डे के नाच रे मयूरा की चर्चा की गयी तो इसलिए कि वो 
देश के एक प्रमुख चैनल का शीर्षक गीत था। 

2. रेडियोनामा पर पोस्‍टें सीधी नहीं छापी जायेंगी। 
पोस्‍टें छापने से पहले सभी साथी डॉ. अजीत और सागर नाहर को पोस्‍टें भेजेंगे। 
जून 25 से रेडियोनामा के प्रबंधन का काम डॉ. अजीत और सागर नाहर संभाल रहे हैं। इसकी वजह ये है कि पोस्‍टों को 'क्‍लैश' होने 
से बचाने के लिए उनकी शेड्यूलिंग की जाएगी। ताकि हर पोस्‍ट को मुख्‍य-पृष्‍ठ पर पर्याप्‍त समय मिले। किसी भी साथी के, 
सीधी पोस्‍टें छापने पर प्रबंधकों के पास अधिकार होगा कि वो कार्रवाई करे। संभावित कार्रवाई के अंतर्गत पोस्‍ट हटाने, त्रुटियां सुधारने से लेकर 
संबंधित लेखक की सदस्‍यता समाप्‍त करना शामिल होगा। 

3. प्रबंधक रेडियोनामा की पोस्‍टों को बज़, टिवटर और फेसबुक वग़ैरह पर (ऑटोमेटिक) लिंक डालकर प्रचारित करेंगे। रेडियोनामा समूह फेसबुक पर सक्रिय हो चुका है 
इसके ज़रिए पोस्‍टें फेसबुक पर ऑटोमेटिक छपेंगी। हालांकि इस काम में हम सब मदद करेंगे। रेडियोनामा के सभी मित्र फेसबुक इत्‍यादि सोशल नेटवर्किंग पर हैं। 
वो अपनी अपनी वॉल पर यथा-संभव इन पोस्‍टों को लगाकर इनका दायरा बढ़ायेंगे। 

3. रेडियोनामा पर हम लंबी पोस्‍टों से यथा-संभव बचेंगे। 
लंबी पोस्‍टों को 'संपादित'' करने का अधिकार प्रबंधक का होगा। संपादित करना अगर न्‍याय-संगत 
ना लगे तो पोस्‍ट दो हिस्‍सों में छापी जायेगी। 

4. हालिया विचार विमर्श के बाद तय किया गया है कि रेडियोनामा पर अंगेज़ी पोस्‍टें भी छापी जायेंगी। 
इससे रेडियोनामा का दायरा बढ़ेगा। अंग्रेज़ी पोस्‍टों का नियमित अनुवाद नहीं किया जाएगा। ज़रूरत पड़ने पर 'द्विभाषी' पोस्‍ट छापी जायेगी। 

1 comment:

Ashok Bajaj said...

रेडियो श्रोता सम्मेलन
http://www.ashokbajajcg.com/2012/08/blog-post_21.html

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