पाठक गण,
आज का दिन रेडियो श्रीलंका की हिन्दी सेवा के भूतपूर्व और अनोख़े मौलिक प्रकार के उद्दघोषक और बादमें भारतमें फ्रीलान्सर प्रसारक रह चूके श्री गोपाल शर्माजीकी शादी की साल-गिरह और साथमें उनकी आत्मकथा 'आवाझ की दुनियाके दोस्तों' के प्रकाशन की भी साल गिरह है । तो श्री गोपाल शर्माजी को इस अवसर पर दोहरी बधाई और उनकी पत्नीजी श्रीमती शशी शर्माजी को भी बधाई रेडियोनामा की और से और उनकी आवाज़ के प्रेमी लोगों की और से प्रस्तूत है । नीचे लेबल्स या श्रेणीमें उनके नाम पर चटका लगाने पर मेरी इसी मंच पर उनके बारेमें लिख़ी गई पोस्ट परसे उनकी यही किताब के प्रथम प्रकाशन के कार्यक्रम के अंश तथा मेरी उनके घर उनसे की गई बात-चीत दृष्य-श्रव्य रूपमें आप पायेंगे । एक ख़ुशी इस बात की है कि आज रेडियो श्रीलंका से वहाँ की निवृत (हाल कैजुअल ) उद्दधोषिका श्री पद्दमिनी परेराजीने भी उनकी बधाई दी और मेरे सहित अन्य श्रोताओं के बधाई संदेश प्रस्तूत किये ।
पियुष महेता ।
सुरत-395001.
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Wednesday, April 13, 2011
'आवाज़ की दुनिया के दोस्तो' के लेख़क श्री गोपाल शर्माजी को शादी की सालगिरह मुबारक हो
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PIYUSH MEHTA-SURAT
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GOPAL SHARMA,
PIYUSH MEHTA,
गोपाल शर्मा,
पियुष महेता,
रेडियो श्री लंका
Friday, November 26, 2010
बोलिवूड म्यूझीक के एकोर्डियन और सिंथेसाईझर वादक श्री सुमित मित्रा को जनम दिन की बधाईयाँ ।
दि.26, नवम्बर, 2010 की मेरी इसी विषय की पोस्ट जो श्री सागर भाईने इस ब्लोग के सम्पादक की हेसीयत से हंगामी रूप से हटा कर रख़ी थी, उसे उस कलाकार को जनम दिनकी बधाई के रूपमें इतने दिनों के बाद प्रस्तूत करना तो कोई रूपसे सही तो कैसे लगेगा पर उस कलाकार के बारेमें थोड़ी सी पहचान देने के लिये और जो जन्हें और उनके भारतीय फिल्म संगीत में उनके योददान को जानते है उनको ताझा करने के लिये उनकी जानकारीयोँ में से बहोत कम नीचे इन संजोग के आधीन जरूरी सुधार के साथ प्रस्तूत कर रहा हूँ ।
दि. 26 नवम्बर के दिन मुम्बई स्थित भारतीय फिल्म संगीत में अपने एकोर्डियन वादन द्वारा योगदान प्रदान करने वाले
श्री सुमित मित्राजीने अपना जन्मदिन मनाया था । मैं ख़ुश-किस्मत हूँ कि 21 (शायद?), फरवरी, 2010 के दिन बिल्लीमोरा के मेरे मित्र और वहाँ की गुन्जन ललित कला संस्थाके कर्ताहर्ता श्री नरेश मिस्त्रीजी (खूद भी एकोर्डियन वादक) द्वारा आयोजित एक फिल्म वाद्य संगीत के शो में उनके द्वारा आमंत्रित हो कर मैं मेरे मित्र सुरत के जी. रझाक बेन्ड के श्री फारूक भाई और अन्य मित्र श्री शिरीष भाई के साथ गया था और उस कार्यक्रम में सुमितजी और सेक्सोफोन, क्लेरीनेट और वेस्टर्न फ्ल्यूट वादक श्री सुरेश यादव को बहूत आनंद से सुना और देख़ा था ।
उनकी फिल्मी धुनों की आज तक सिर्फ एक रेकोर्ड उस समय की पोलिडोर नाम धारी रेकोर्ड कम्पनी ने निकाला था जिसमें फिल्म बॉबी के चार गीत उन्होंने एकोर्डियन पर नहीं पर इलेक्ट्रिक ऑर्गन पर बजाई थी, जिसमें उनकी मेरे साथ हुई बात के अनुसार एकोर्डियन पर धीरज कुमार ने साथ दिया था । जब की मूल गानेमें सुमितजीने ही एकोर्डियन बजाया है और बाद में उस इ पी रेकोर्ड को स्व. अरूण पौडवाल की बजाई एकोर्डियन पर फिल्म मेरा नाम जोकर के तीन गानो के ई पी रेकोर्ड की धून के साथ मिली जुली एल पी रेकोर्ड प्रस्तुत हुई थी । उस समय मुझे उनके साथ तसवीर खिंचवाने का मौका मिला था जो फारूक भाई और सुमितजी के सौजन्य से नीचे प्रस्तुत की है ।

नीचे देख़ीये और सुनिये उसी कार्यक्रम में उनके द्वारा बजाई गई फिल्म झुक गया आसमान के शीर्षक गीत की एकोर्डियन पर धुन जिसमें सिन्थेसाईझर पर बडोदरा के श्री दिलीप रावल है और पर्क्यूसन (इस शब्दमें कोई गलती हो तो सुधार बताईए) पर मुम्बईमें फिल्म उद्योग में सालों काम करने वाले श्री नरेन्द्र वकील है ।
नीचे आज रेडियो श्रीलंका पर मेरे द्वारा भेजी गई सूचना के आधार पर सुबह 7.34 पर वहाँ की उद्दघोषिका श्रीमती ज्योति परमारजी ने प्रस्तुत किया हुआ बधाई संदेश सुनिये ।
रेडियोनामा के इस मंच से भी श्री सुमितजी को जनम दिन की ढेर सारी शुभ: कामनाएँ ।
(सामान्य रूप से मेरी यह नीति नहीं रही है कि अन्य पोस्ट लेख़क की पोस्ट पर तूर्त (तुरंत) ही मेरी पोस्ट लिख़ दूँ । पर जनम दिन के बारेमें पोस्ट उसी दिन प्रकाशित करनी होती है, इस लिये संजयजी और अन्नपूर्णाजी क्षमा करें और नये जूडने वाले पाठको से अनुरोध है कि वे पोस्ट भी पढे, हालाकि युनूसजी जैसे तो पढ चूके (चुके) है संजय जी की पोस्ट)
पियुष महेता ।
सुरत ।
दि. 26 नवम्बर के दिन मुम्बई स्थित भारतीय फिल्म संगीत में अपने एकोर्डियन वादन द्वारा योगदान प्रदान करने वाले
श्री सुमित मित्राजीने अपना जन्मदिन मनाया था । मैं ख़ुश-किस्मत हूँ कि 21 (शायद?), फरवरी, 2010 के दिन बिल्लीमोरा के मेरे मित्र और वहाँ की गुन्जन ललित कला संस्थाके कर्ताहर्ता श्री नरेश मिस्त्रीजी (खूद भी एकोर्डियन वादक) द्वारा आयोजित एक फिल्म वाद्य संगीत के शो में उनके द्वारा आमंत्रित हो कर मैं मेरे मित्र सुरत के जी. रझाक बेन्ड के श्री फारूक भाई और अन्य मित्र श्री शिरीष भाई के साथ गया था और उस कार्यक्रम में सुमितजी और सेक्सोफोन, क्लेरीनेट और वेस्टर्न फ्ल्यूट वादक श्री सुरेश यादव को बहूत आनंद से सुना और देख़ा था ।
उनकी फिल्मी धुनों की आज तक सिर्फ एक रेकोर्ड उस समय की पोलिडोर नाम धारी रेकोर्ड कम्पनी ने निकाला था जिसमें फिल्म बॉबी के चार गीत उन्होंने एकोर्डियन पर नहीं पर इलेक्ट्रिक ऑर्गन पर बजाई थी, जिसमें उनकी मेरे साथ हुई बात के अनुसार एकोर्डियन पर धीरज कुमार ने साथ दिया था । जब की मूल गानेमें सुमितजीने ही एकोर्डियन बजाया है और बाद में उस इ पी रेकोर्ड को स्व. अरूण पौडवाल की बजाई एकोर्डियन पर फिल्म मेरा नाम जोकर के तीन गानो के ई पी रेकोर्ड की धून के साथ मिली जुली एल पी रेकोर्ड प्रस्तुत हुई थी । उस समय मुझे उनके साथ तसवीर खिंचवाने का मौका मिला था जो फारूक भाई और सुमितजी के सौजन्य से नीचे प्रस्तुत की है ।
नीचे देख़ीये और सुनिये उसी कार्यक्रम में उनके द्वारा बजाई गई फिल्म झुक गया आसमान के शीर्षक गीत की एकोर्डियन पर धुन जिसमें सिन्थेसाईझर पर बडोदरा के श्री दिलीप रावल है और पर्क्यूसन (इस शब्दमें कोई गलती हो तो सुधार बताईए) पर मुम्बईमें फिल्म उद्योग में सालों काम करने वाले श्री नरेन्द्र वकील है ।
नीचे आज रेडियो श्रीलंका पर मेरे द्वारा भेजी गई सूचना के आधार पर सुबह 7.34 पर वहाँ की उद्दघोषिका श्रीमती ज्योति परमारजी ने प्रस्तुत किया हुआ बधाई संदेश सुनिये ।
रेडियोनामा के इस मंच से भी श्री सुमितजी को जनम दिन की ढेर सारी शुभ: कामनाएँ ।
(सामान्य रूप से मेरी यह नीति नहीं रही है कि अन्य पोस्ट लेख़क की पोस्ट पर तूर्त (तुरंत) ही मेरी पोस्ट लिख़ दूँ । पर जनम दिन के बारेमें पोस्ट उसी दिन प्रकाशित करनी होती है, इस लिये संजयजी और अन्नपूर्णाजी क्षमा करें और नये जूडने वाले पाठको से अनुरोध है कि वे पोस्ट भी पढे, हालाकि युनूसजी जैसे तो पढ चूके (चुके) है संजय जी की पोस्ट)
पियुष महेता ।
सुरत ।
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PIYUSH MEHTA,
पियुष महेता,
रेडियो श्री लंका,
सुमित मित्रा
Saturday, June 5, 2010
रेडियो श्री लंका का रात्री-प्रसारण वेब पर
आप रेडियो श्री लंका का रात्री प्रसारण 9 से 10 के बीच
www.slbc.lk
Listen Live
Redio Shri Lanka
पर अन्ग्रेजी नेट प्रसारण के अन्तर्गत हिन्दी और अन्ग्रेजी में संयुक्त रूप से बारी बारी सुना जाता है और ज्यादा तर हिन्दी गानों के बीच कुछ अंग्रेजी गाने अन्ग्रेजी उद्दघोषणा के साथ भी प्रस्तूत होते है । और एक छोटा हिन्दी समाचार बुलेटीन भी बीचमें होता है । नेट पर रिसेप्शन सुस्पस्ट होता है । पर नेट कनेक्सन में कोई रूकावट नहीं होते हुए भी प्रसारणमें सातत्य हम नहीं पाते है । तो वह वेब पना फ़िरसे जोड़ना पड़ता है । रेडियो पर शुरूकी एक उद्दघोषणा सुनाई पड़ी थी, पर फ़िर अंग्रेजी संगीत शुरू होने पर मेरा रिसेप्सन पर विश्वास डगमगा गया था और डिस्टोर्सन भी काफ़ी रहा सिग्नल कमज़ौर होने के कारण ही तो ।
पर एक बात और है कि कल जो गाने बजे वह गाने समय के हिसाबसे पूराने भी थे और अच्छे भी थे पर भूले बिसरे की बजाय जाने पहचाने और सदा-बहार ही थे । आगे आगे देख़ीये होता है क्या !
पियुष महेता ।
सुरत ।
www.slbc.lk
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Redio Shri Lanka
पर अन्ग्रेजी नेट प्रसारण के अन्तर्गत हिन्दी और अन्ग्रेजी में संयुक्त रूप से बारी बारी सुना जाता है और ज्यादा तर हिन्दी गानों के बीच कुछ अंग्रेजी गाने अन्ग्रेजी उद्दघोषणा के साथ भी प्रस्तूत होते है । और एक छोटा हिन्दी समाचार बुलेटीन भी बीचमें होता है । नेट पर रिसेप्शन सुस्पस्ट होता है । पर नेट कनेक्सन में कोई रूकावट नहीं होते हुए भी प्रसारणमें सातत्य हम नहीं पाते है । तो वह वेब पना फ़िरसे जोड़ना पड़ता है । रेडियो पर शुरूकी एक उद्दघोषणा सुनाई पड़ी थी, पर फ़िर अंग्रेजी संगीत शुरू होने पर मेरा रिसेप्सन पर विश्वास डगमगा गया था और डिस्टोर्सन भी काफ़ी रहा सिग्नल कमज़ौर होने के कारण ही तो ।
पर एक बात और है कि कल जो गाने बजे वह गाने समय के हिसाबसे पूराने भी थे और अच्छे भी थे पर भूले बिसरे की बजाय जाने पहचाने और सदा-बहार ही थे । आगे आगे देख़ीये होता है क्या !
पियुष महेता ।
सुरत ।
Friday, March 5, 2010
पियानो और सोलोवोक्ष वादक श्री केरशी मिस्त्री को पूण्य-तिथी पर श्रद्धांजली

आज यानि दि. 5 मार्च के दिन एच एम वी (इन्डिया)के जानेमाने पियानो वादक, सोलोवोक्ष वादक और वाद्यवृंद संयोजक-निर्देषक तथा अपने मंच-कार्यक्रमोमें एकोर्डियन तथा हार्मोनियम पर पेश हुए स्व. केरशी मिस्त्रीजी की पूण्यतिथी पर उनको रेडियोनामा की और से श्रद्धांजली ।
दि. 5 मार्च के दिन मैंनें नीचे लिख़ा था ।
(मूझे खेद है कि आज ई-स्नीप की अडोडाई के कारण उनकी कोई धून और आज रेडियो श्रीलंकासे मेरी भेजी हुई जानकारी के अनुसार उद्दघोषिका श्रीमती ज्योति परमारजीने उनको श्रद्धांजली के रूपमें एक रेर धून (यहाँ रेर गाना मतलब नहीं है ।)सोलोवोक्ष और उनके दोस्त मशहूर एकोर्डियन वादक स्व. गुडी सिरवाई का इलेक्ट्रीक एकोर्डियन पर (यहाँ इलेक्ट्रीक माने एलेक्ट्रोनिक नहीं, श्री चरणजीत सिंह की सबसे पहेली EP रेकोर्डमें ट्रांसीकोर्ड को इलेक्ट्रीक एकोर्डियन कहा गया था । ) फिल्म दो आँखें बाराह हाथ के गीत ए मालिक तेरे बंदे हम प्रस्तूत हुई थी, मेरे नाम के साथ ।विविध भारती को ऐसी बात कहना बेकार साबित होता है । धून तक़निकी सुविधा अनुसार फ़िर कभी प्रस्तूत होगी ।)
पर दि. 8 मार्च, 2009 को श्री सागर भाईने इस प्लेयर की लिन्क भेजी जिससे SLBC के उसी प्रसारण को (शोर्ट वेव रिसेप्सन होने के कारण दिस्टोर्सन के साथ पर फिर भी घ्यान से सुनने पर सुनाई पदनेवाला) नीचे प्रस्तूत करता हूँ ।
एक अन्य धून स्व. केरशी मिस्त्री की पियानो पर फिल्म महेबुबा से नीचे सुनिये ।
पियुष महेता
सुरत ।
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केरसी मिस्त्री,
ज्योति परमार,
पियुष महेता,
रेडियो श्री लंका
Friday, February 12, 2010
रेडियो श्रीलंका के भूतपूर्व उद्दधोषक श्री रिपूसुदन कूमार ऐलावादीजी को जन्मदिन की बधाई
आज यानि दि. 12वी मार्च के दिन रेडियो सिलोन के भूतपूर्व उद्दघोषक श्री रिपूसुदन कुमार ऐलावादीजी की जन्मतारीख़ है ।
रेडियो श्रीलंका की उद्दघोषिका श्रीमती ज्योति परमारने उनको बधाई देते हुए आज सुबह 8 बजे यह उद्दघोषणा की । इसके लिये ज्योतिजीके हम आभारी है वैसे श्री रिपूसूदन कुमारजी मेरे भी मित्र बन गये है । तो मेरी और रेडियोनामा की और से उनको बधाई देते हुए उनके सक्रिय और लम्बे आयु की कामना करते है । नीचे दी हुई लिन्क पर आप मेरी उनके घर पर उनके साथ की गयी बात चीत को फ़िर सुन और देख़ सकते है ।
http://radionamaa.blogspot.com/2008/07/blog-post_16.html
एक बात और कि, कल यानि 11 तारीख़को विविध भारती के स्थापक कवि पंडित नरेन्द्र शर्माजी की पूण्यतिथी थी पर रेडियो सिलोन पर ज्योतिजीकी ड्यूटी नहीं होने के कारण उन्होंने आज विविध भारती और महाभारत का जिक्र करते हुए उनकी यादमें पुरानी फिल्मों के गीतोंका विषेष कार्यक्रम प्रस्तूत किया , जिसमे6 उनका लिख़ा, श्री अलि अकबर ख़ाँ जी का संगीत बद्ध किया लताजी का गाया फिल्म आंधियाँ का तीन भाग वाला गाना प्रस्तूत किया ।
पियुष महेता,
नानपूरा, सुरत ।
रेडियो श्रीलंका की उद्दघोषिका श्रीमती ज्योति परमारने उनको बधाई देते हुए आज सुबह 8 बजे यह उद्दघोषणा की । इसके लिये ज्योतिजीके हम आभारी है वैसे श्री रिपूसूदन कुमारजी मेरे भी मित्र बन गये है । तो मेरी और रेडियोनामा की और से उनको बधाई देते हुए उनके सक्रिय और लम्बे आयु की कामना करते है । नीचे दी हुई लिन्क पर आप मेरी उनके घर पर उनके साथ की गयी बात चीत को फ़िर सुन और देख़ सकते है ।
http://radionamaa.blogspot.com/2008/07/blog-post_16.html
एक बात और कि, कल यानि 11 तारीख़को विविध भारती के स्थापक कवि पंडित नरेन्द्र शर्माजी की पूण्यतिथी थी पर रेडियो सिलोन पर ज्योतिजीकी ड्यूटी नहीं होने के कारण उन्होंने आज विविध भारती और महाभारत का जिक्र करते हुए उनकी यादमें पुरानी फिल्मों के गीतोंका विषेष कार्यक्रम प्रस्तूत किया , जिसमे6 उनका लिख़ा, श्री अलि अकबर ख़ाँ जी का संगीत बद्ध किया लताजी का गाया फिल्म आंधियाँ का तीन भाग वाला गाना प्रस्तूत किया ।
पियुष महेता,
नानपूरा, सुरत ।
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पियुष महेता,
रिपूसूदन कूमार ऐलावादी,
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