राजीव सक्सैना पिछले तीन दशकों से रेडियो प्रसारण से जुड़े थे. दिल्ली के आकाशवाणी केन्द्र के युववाणी कार्यक्रम से शुरूआत करने वाले राजीव भाई
क्रिकेट कमेंट्रेटर के रूप में ख़ासी पहचान रखते थे. गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के आखों देखा हाल सुनाने वाले कमेंट्रेटर पैनल में राजीव भाई का नाम शुमार था . हाँ एक ख़ास बात यह कि जब हिन्दी कमेंट्री के इंतज़ामात के लिये आकाशवाणी के अर्थाभाव होना शुरू हुआ तो राजीव सक्सैना ने अपने कौशल का इस्तेमाल करते हुए बाक़ायदा स्पाँसरशिप्स लाना शुरू की और नई आवाज़ों को मौक़ा देना प्रारंभ किया.उन्होने मैचों के अंतराल में उन्होंने लोकप्रिय फ़ोन इन कार्यक्रमों भी शुरू किये और उसकी रोचकता में इज़ाफ़ा करने के लिये राजीव भाई ने कई पूर्व क्रिकेटर्स को जोड़ा.
संयोग देखिये हमारे रेडियोनामा बिरादर इरफ़ान ने हाल ही में राजीव सक्सैना पर एक पोस्ट अपने ब्लाग टूटी हुई बिखरी हुई पर लिखी थी . यदि इरफ़ान भाई इजाज़त देंगे तो बतौर ख़िराजे अक़ीदत उसी पोस्ट को शीघ्र ही रेडियोनामा पर लिया जाएगा.
फ़िलहाल बस इतना ही.हम सब राजीव सक्सैना जैसे क़ाबिल ब्रॉडकास्टर के आकस्मिक निधन पर स्तब्ध हैं . फ़िर एक बार दिवंगत के प्रति हमारी श्रध्दाजंलि .
