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Wednesday, September 21, 2011

बड़े भैया यानी श्री विजय बोस को जन्‍मदिन मुबारक

रेडियोनामा पर मैं एक अनियमित श्रृंखला प्रस्‍तुत कर रहा हूं जिसका नाम है अग्रज पीढी। इस श्रृंखला के अंतर्गत
रेडियो की दुनिया के दिग्‍गज व्‍यक्तित्‍वों को याद किया जाता है। उनसे बातें की जाती हैं।
आज का दिन इस मायने में ख़ास है कि आज अग्रज पीढी के एक जाने-माने रेडियोकर्मी का जन्‍मदिन है।
रेडियोनामा पर इनकी बातें पहले भी हुई हैं।
आकाशवाणी इलाहाबाद के 'बड़े भैया' के नाम से मशहूर श्री विजय बोस।

रेडियो के उस दौर में जब तकनीकी सुविधाएं ज्‍यादा नहीं होती थीं, और इस सबके बावजूद रेडियो शीर्ष पर होता था, बडे भैया ने आकाशवाणी इलाहाबाद और शहर इलाहाबाद की सरहदों से परे सारे देश में नाम कमाया।
बच्‍चों के उनके कार्यक्रम बालसंघ के बारे में रेडियोनामा की एक पुरानी पोस्‍ट में बाक़ायदा चर्चा की जा चुकी है।


इलाहाबाद में उनसे मिलने का सौभाग्‍य भी हुआ। सन 2009 में 24 अक्‍तूबर के दिन बड़े भैया के घर जब मैं,ममता और जादू (और डाकसाब) गए तो वहां रेडियो की पुरानी दुनिया की बहुत सारी बातें हुईं। ये वीडियो मेरे संग्रह में जाने कब से पड़ा था। IMG_4718

लग ये रहा था कि इसे अच्‍छी तरह एडिट करके पेश किया जाए। यही नहीं हम चाहते थे कि इस बातचीत की इबारत भी दी जाए।

पर फिलहाल बड़े भैया के जन्‍मदिन के उपलक्ष्‍य में प्रस्‍तुत है अनकट वीडियो।

यहां रेडियो की दुनिया की शब्‍दावली इफरात में सुनाई पड़ेगी अगर दिक्‍कत आए तो पूछा जा सकता है।

भविष्‍य में इस बातचीत को शब्‍दांकित करके प्रस्‍तुत करने का वादा जरूर कर रहे हैं।

तो हमारे साथ आप सभी बड़े भैया को 84 वर्ष पूरे करने पर बधाईयां दीजिए।

ये वीडियो दो हिस्‍सों में है। तकरीबन आठ आठ मिनिट की दो फाइलें।

यानी कुल साढ़े सत्रह मिनिट के आसपास। बातचीत बेहद आत्‍मीय पारिवारिक और अनौपचारिक है। पर इसमें हैं रेडियो की दुनिया की अनमोल यादें।

पहला भाग।

दूसरा भाग


बडे भैया के बारे में विकीपीडिया पर यहां पढ़ें

और हाल ही में इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज की स्‍वर्ण जयंती के उत्‍सव पर बड़े भैया मंच पर उपस्थित हुए।
उसका वीडियो लिंक ये रहा

आपकी बधाईयां हम बड़े भैया तक ज़रूर पहुंचायेंगे।

 

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