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Wednesday, March 12, 2008

रेडियो वाणी पर मरहूम श्री मास्टर इब्राहिम

आदरणिय श्री युनूसजी,
रेडियो वाणी पर मरहूम श्री मास्टर इब्राहिम साहब के बारे में पोस्ट मैंने कल पढी थी, तब से ही मेरे दिमाग में थोडा सा शंशय संशय पेदा पैदा हुआ था । पर उस वक्त मेरे नेट पर थोडा प्रोब्लेम होने के कारण सुन नहीं पाया था । पर आज अभी दि.१२ मार्च २००८ के दिन दोपहर, के बाद ०४.३० पर यह सुन कर लिख रहा हूँ ।
आपने जो भी वेब पन्ने से यह जानकारी के साथ इस धून धुन को पाया वह वेब वालो ने श्री एनोक डेनियेल्स साहब की एल.पी. डान्स टाईम से यह धून धुन गलती से उठाई है । इसमें कहीं भी क्लेरीनेट है ही नहीं ।
यह एल. पी. की कूलकुल ११ में से करीब ९ धूनेंधुनें श्री एनोक डेनियेल्स साहब इस के पहेले अलग अलग ७८ आरपीएम तथा ईपी और एलपी में पियानो-एकोर्डियन पर प्रस्तूत प्रस्तुत कर चूके थे । इसमें यह धून धुन भी शामिल थी। और विविध भारती के पास यह दोनों धूनेंधुन है, और यह डान्स टाईम की तो आप लोगो के पास सीडी भी आ गयी है । आपको याद होगा कि जब अभी तो नहीं पर दो साल पहेले मैं आया था तब यह नीले गगन के तले बाली पियानो एकोर्डियन वाली धून इन दिनों विविध भारती से व्यापारी अंतराल के दौरान बजती थी, वह मैं ने आपसे, कमल शर्मा जी से और श्री महेन्द्र मोदी साहब से अलग अलग किया था, जिसमें तीन अंतरे पूरे था थे।

इस डान्स टाईम वाली इस गीत की धून धुन में सिर्फ़ दूसरा और तीसरा ही प्रस्तूत प्रस्तुत किया गया है । इस धुन में मेलडी पार्ट कुछ: ब्रास वाद्यो पर बजाया गया है । और तीसरे अंतरे में पियानो का भाग जो मेलडी भाग से पहेले बजता है, वह श्री एनोक डेनियेल्स साहबने शायद खुद ही बजाया है ।
मास्टर इब्राहिम साहबने यह धून धुन जहाँ तक मेरा खयाल है, बजाई ही नहीं है। आज उनको सभी जगह से श्रद्धांजलियाँ मिल रही है, पर उनके बनाये खजाने पर व्यापार करने वालोने उनको आर्थिक परेशानीयाँ परेशानियाँ कैसे दी थी, वह मैंने एक ख्यात्नाम ख्यातनाम वादक कलाकारसे जबानी सुनी है । आप उनके तीन वायब्रोफोन बादक बेटों (एक का नाम शायद इक़बाल है) से इस बारे में शायद सही बात जान सकते है । जब फिर हमारा आप से मिलना होगा, मैं आपको बताऊँगा।

इनकी कोई भी धून स्टिरीयोमें नहीं ध्वनि आंकित अंकित नहीं हुई थी । असल धुने सब शायद ७८ आरपीएम पर ही थी, जो उनके इन्तकाल के बाद श्रद्धांजलि श्रद्धान्जली के रूप में सहबे पहेलेसबसे पहले एक एल पी और बाद कई सीडी के रूपमें बझार बाजार में आयी ।
आशा है आप और अन्य वाचक इस पर टिपणी प्रस्तूत प्रस्तुत करेंगे । (विविध भारती के पास इस धून धुन कन्हैयालालजी की शहनाई पर भी है।)

पियुष महेता ।
सुरत-३९५००१.

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