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Tuesday, December 8, 2009

गीत का एक भी बोल याद नहीं

आज एक ऐसा गीत याद आ रहा है जिसका एक भी बोल याद नहीं।

फ़िल्म का नाम है - प्यासी नदी जो 1974 के आसपास रिलीज़ हुई थी। इस फ़िल्म के नायक है - विक्रम (जूली फ़ेम) जिनकी शायद यह पहली फ़िल्म है। शायद उनकी ड्राइवर की भूमिका थी।

नायिका वाणी गणपति है जो प्रसिद्ध नृत्यांगना और कमल हसन की पूर्व पत्नी है और सहनायिका है शाहीन, इन दोनों ने शायद इस एक ही फ़िल्म में काम किया है। यह रोमांटिक युगल गीत शायद मुकेश और वाणी जयराम ने गाया है। मुझे इसके अलावा और कुछ भी याद नहीं आ रहा। एक समय था जब यह गीत बहुत सुना करते थे रेडियो से।

पता नहीं विविध भारती की पोटली से कब बाहर आएगा यह गीत…

5 comments:

अल्पना वर्मा said...

Yah gana aise hai-----O Re Sajanwa sagar main kyun aate hain toofan,
pyasi dhaara chahe pyar ko chahe tere mere samaan..
-film--[Pyaasi Nadi] - Mukesh-Chandrani mukharjee ka gaya hua hai [Vani jayram nahin..:)

Qaseem Abbasi said...

Please give me your mail so that I can mail you the song

annapurna said...

क़ासिम अब्बासी जी, मैं अकेले नहीं सबके साथ सुनना चाहती हूँ यह गीत। कृपया रेडियोनामा पर मेल भेज कर इस बारे में बात कीजिए ताकि सभी इस गीत का आनन्द ले सके।

Qaseem Abbasi said...

रेडियोनामा पर कहा?

annapurna said...

रेडियोनामा पर अपनी बात में नीचे ई-मेल पता है।

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