1972-73 के आस-पास एक फिल्म रिलीज हुई थी - गुलाम बेगम बादशाह
इस फिल्म के मुख्य कलाकार - अनिल धवन, मौसमी चटर्जी और शत्रुघ्न सिन्हा हैं।
इस फिल्म के सभी गीत रेडियो के सभी केन्द्रों से खूब सुनवाए जाते थे। आज याद आ रहा हैं मन्नाडे का गाया एक गीत जो शायद जुआरियो के लिए एक सीख हैं, मुझे ठीक से याद नही आ रहा हैं पूरा गीत, मुखड़ा इस तरह हैं -
ताश के बावन पत्ते
पंजे छक्के सत्ते
सब के सब हरजाई
मैं लुट गया राम दुहाई
पता नहीं विविध भारती की पोटली से कब बाहर आएगा यह गीत…
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2 comments:
nice
नमस्ते,
आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।
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