कुछ: हप्ते पहेले विविध भारती से नौ साझों के वादक कलाकार श्री जयंती (गोसर) से रेणूजी द्वारा की गयी बात चीत प्रसारित हुई थी । उस पर रेडियोनामा में एक पोस्ट मैनें लिखी थी । पर उनकी बजाई धून सुनवा नहीं पाया था । तो आज वह कमी पूरी कर रहा हूँ ।
तो सुनिये उनके केसेट और एल्पी तथा सी डी तीनों रूपमें प्रकाशित आल्बम 'हीट्स ओफ 85'जो विविध भारती की केन्द्रीय सेवा भी समय समय पर एक दफ़ा एक फनकार के दो पहर एक बजे वाले सोमवारीय कार्यक्रममें और बादमें व्यापारीक अंतराल के बीच प्रस्तूत करती आयी है । गाना तो इतना जाना पहचाना है कि बोल बताने की जरूरत नहीं है । यह धून सुन कर आप भी मनमें बोल उठेंगे कि ओह यह धून तो सुनी हुई है, काहे आधी ही सही । पर यहाँ तो पूरी सुन पायेंगे । मेरे पास यह धून इलेक्ट्रीक हवाईन गिटार पर सुनिल गाँगुली, काझी अनिरूध और गौतम दासगुप्ता की अलग अलग बजाई हुई भी है ।
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Saturday, December 13, 2008
एक फिमी धून : फ़िल्म कलाकार : कलाकार : जयंती (गोसर) और हनी (सातमकर)-एलेक्ट्रीक स्पेनिश ग़िटार
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3 comments:
धुन अच्छी लगी , बहुत पहले रेडियो पर सुनी अब तो काफ़ी दिनो से रेडियो ही नही बजाया ।
धुन की स्टीरियो 3डी रेकॉर्डिग ने समा बांध दिया. धन्यवाद. ऐसी टॉप क्वालिटी वाली और धुनें सुनवाएँ - आग्रह है.
बहुत बढिया क्वोलिटी की धुन सुनवाने के लिये आभार आपका पियुष भाई सुनवाते रहीयेगा --
- लावण्या
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आपकी टिप्पणी के लिये धन्यवाद।