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Tuesday, July 14, 2009

दिलराज कौर की आवाज़ में सावन गीत

आज जिस फ़िल्म के गीत की चर्चा मैं कर रही हूँ उस फ़िल्म का नाम शायद बहुतों ने सुना भी नहीं होगा। फ़िल्म का नाम है - जान हाज़िर है

यह फ़िल्म वर्ष 1977 के आस-पास रिलीज़ हुई थी। फ़िल असफल रही। बहुत ही कम समय के लिए सिनेमाघरों में चल पाई लेकिन यह गीत बहुत लोकप्रिय हुआ। दिलराज कौर की आवाज़ में यह गीत कभी बहुत सुनने को मिलता था। रेडियो के सभी केन्द्र इस गीत को बहुत सुनवाते थे फिर धीरे-धीरे सुनवाना कम होता गया और अब तो एक लम्बा समय हो गया इस गीत को सुने हुए।

इस फ़िल्म के बारे में कलाकारों के बारे में मुझे कोई जानकारी नही है। शायद दिलराज कौर ने पहली बार इसी फ़िल्म के लिए गाया। इस गीत का केवल मुखड़ा मुझे याद है -

सावन आया बादल छाए
मेरे पिया नाही आए
चलूँ वहाँ वो है जहाँ
मोसे रहा नहीं जाए

पता नहीं विविध भारती की पोटली से कब बाहर आएगा यह गीत…

2 comments:

मनोज गौतम said...

आपने अपनी उम्मीद बनाई हैं तो विविध भारती वाले अपनी पोटली से बाहर अवश्य बाहर निकालेंगंें । जानकारी अपलब्ध कराने के लिए धन्यबाद ।

दिलीप कवठेकर said...

ये गीत सुना हुआ लग रहा है.

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