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Friday, December 10, 2010

श्री अमीन सायानी साहब को हर हप्ते सुनिये 'संगीत के सितारों की महेफ़ील'में तथा एकोर्डियन वादक श्री सुमित मित्राजी को फ़िर से याद

आदरणिय पाठक गण,

दो दिन पहेले श्री अमीन सायानी साहब से दूर भाषी बात-चीत के दौरान तथा कल उनके बेटे श्री राजील सायानीजी से मिले फ़ोन के आधार पर यहाँ बात यहाँ आप सभी को बताना चाहता हूँ, कि एक बार भारत के सिर्फ़ तीन शहरोमें रेड एफ एम 93.5 पर और बाद में करीब दो साल पहेले आकाशवाणी के उत्तर और मध्य भारतीय गीने-चूने प्रायमरी और विविध भारती केन्द्रो से प्रसारित संगीत के सितारों की महेफ़ील को अब निज़ी चेनल रेडियो सिटी 91.1 के Ahmedabad, Ahmednagar, Akola, Delhi, Hyderabad, Jaipur, Jalgaon, Lucknow, Mumbai, Nagpur, Nanded, Pune, Sangli, Solapur, Surat and Vadodra (Baroda). से प्रसारित किया जायेगा हर रविवार दो पहर 12 बजे और पुन: प्रसारण रात्री 9 बजे से एक घंटे तक । शहरो की पूरी उनकी तरफ़ से मिले मेईल के बाद वहाँ से कोपी पेस्ट करके यहाँ दी है । तो पूराने अलभ्य गायको गीतकारो और संगीत कारो (जिनमें कई आज हयात नहीं है) एक बार फ़िर सुनिये अमीन सायानी साहब के अनमोल संग्रहालय से और चूकीये मत । श्री अन्नपूर्णाजी की साप्ताहीकी का आज दिन है तो क्या वे दो दिन यानि रविवार सुबह तक ठहर सकती है ?दि.26, नवम्बर, 2010 की मेरी इसी विषय की पोस्ट जो श्री सागर भाईने इस ब्लोग के सम्पादक की हेसीयत से हंगामी रूप से हटा कर रख़ी थी, जो मैनें फ़िर से जारि तो की पर एक जाया टिपणी चिदाम्बर जी के अलावा किसी से नहीं मिली और मिले भी कैसे ? पिछले पन्ने पर कितने लोग जायेंगे ? तो उसे उस कलाकार को जनम दिनकी बधाई के रूपमें इतने दिनों के बाद प्रस्तूत करना तो कोई रूपसे सही तो कैसे लगेगा पर उस कलाकार के बारेमें थोड़ी सी पहचान देने के लिये और जो उन्हें और उनके भारतीय फिल्म संगीत में उनके योददान को जानते है उनको ताझा करने के लिये उनकी जानकारीयोँ में से बहोत कम नीचे इन संजोग के आधीन जरूरी सुधार के साथ प्रस्तूत कर रहा हूँ ।

दि. 26 नवम्बर के दिन मुम्बई स्थित भारतीय फिल्म संगीत में अपने एकोर्डियन वादन द्वारा योगदान प्रदान करने वाले
श्री सुमित मित्राजीने अपना जन्मदिन मनाया था । मैं ख़ुश-किस्मत हूँ कि 21 (शायद?), फरवरी, 2010 के दिन बिल्लीमोरा के मेरे मित्र और वहाँ की गुन्जन ललित कला संस्थाके कर्ताहर्ता श्री नरेश मिस्त्रीजी (खूद भी एकोर्डियन वादक) द्वारा आयोजित एक फिल्म वाद्य संगीत के शो में उनके द्वारा आमंत्रित हो कर मैं मेरे मित्र सुरत के जी. रझाक बेन्ड के श्री फारूक भाई और अन्य मित्र श्री शिरीष भाई के साथ गया था और उस कार्यक्रम में सुमितजी और सेक्सोफोन, क्लेरीनेट और वेस्टर्न फ्ल्यूट वादक श्री सुरेश यादव को बहूत आनंद से सुना और देख़ा था ।

उनकी फिल्मी धुनों की आज तक सिर्फ एक रेकोर्ड उस समय की पोलिडोर नाम धारी रेकोर्ड कम्पनी ने निकाला था जिसमें फिल्म बॉबी के चार गीत उन्होंने एकोर्डियन पर नहीं पर इलेक्ट्रिक ऑर्गन पर बजाई थी, जिसमें उनकी मेरे साथ हुई बात के अनुसार एकोर्डियन पर धीरज कुमार ने साथ दिया था । जब की मूल गानेमें सुमितजीने ही एकोर्डियन बजाया है और बाद में उस इ पी रेकोर्ड को स्व. अरूण पौडवाल की बजाई एकोर्डियन पर फिल्म मेरा नाम जोकर के तीन गानो के ई पी रेकोर्ड की धून के साथ मिली जुली एल पी रेकोर्ड प्रस्तुत हुई थी । उस समय मुझे उनके साथ तसवीर खिंचवाने का मौका मिला था जो फारूक भाई और सुमितजी के सौजन्य से नीचे प्रस्तुत की है ।


नीचे देख़ीये और सुनिये उसी कार्यक्रम में उनके द्वारा बजाई गई फिल्म झुक गया आसमान के शीर्षक गीत की एकोर्डियन पर धुन जिसमें सिन्थेसाईझर पर बडोदरा के श्री दिलीप रावल है और पर्क्यूसन (इस शब्दमें कोई गलती हो तो सुधार बताईए) पर मुम्बईमें फिल्म उद्योग में सालों काम करने वाले श्री नरेन्द्र वकील है ।



नीचे आज रेडियो श्रीलंका पर मेरे द्वारा भेजी गई सूचना के आधार पर सुबह 7.34 पर वहाँ की उद्दघोषिका श्रीमती ज्योति परमारजी ने प्रस्तुत किया हुआ बधाई संदेश सुनिये ।



रेडियोनामा के इस मंच से भी श्री सुमितजी को जनम दिन की ढेर सारी शुभ: कामनाएँ ।
(सामान्य रूप से मेरी यह नीति नहीं रही है कि अन्य पोस्ट लेख़क की पोस्ट पर तूर्त (तुरंत) ही मेरी पोस्ट लिख़ दूँ । पर जनम दिन के बारेमें पोस्ट उसी दिन प्रकाशित करनी होती है, इस लिये संजयजी और अन्नपूर्णाजी क्षमा करें और नये जूडने वाले पाठको से अनुरोध है कि वे पोस्ट भी पढे, हालाकि युनूसजी जैसे तो पढ चूके (चुके) है संजय जी की पोस्ट)
पियुष महेता ।
सुरत ।

2 comments:

Chidambar said...

सितारों की मेहफिल के प्रसारण के बारे में जान कर अच्छा तो लगा लेकिन निराशा इस बात की हुई के यह उत्तर भारत कॊ ही सीमित है । वैसे एक दो साल पहले online Arab Radio Network पर कुछ episode सुन ने को मिले थे । जैसे भी हो, जो भी सुन पाएंगे उन को बधाई ।


चिदंबर काकतकर
मंगलूर, कर्नाटक

डॉ. अजीत कुमार said...

ये मेरी खुशकिस्मती है कि मैं अमीन साहब के इस कार्यक्रम को यहाँ दिल्ली में सुन पा रहा हूँ.

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