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Thursday, March 24, 2011

वी. (यानि विस्तास्प) बलसारा को पुण्यतिथि पर संगीत भरी श्रद्धांजलि



आज, यानि 24 मार्च; भारतीय फिल्म संगीत के एक जाने माने वादक कलाकार स्व. वी. बलसारा, जो हारमोनियम (पैर वाली भी), पियानो, पियानो-एकोर्डियन, युनिवोक्स(क्ले वायलिन जैसा ही शायद निर्माता कम्पनियों द्वारा दिये गये साजों के नाम), मेन्डोलिन, इलेक्ट्रिक ऑर्गन और सिन्थेसाईजर)को बजा लेते थे पर पैर वाले दोनों हाथों से बजने वाले हार्मोनियम पियानो स्टाईल से बजाने में उनकी विषेष महारत थी । तो आज उनकी पुण्यतिथि पर फ़िल्म "बरसात" के गीत की धुन इस बार पियानो-एकोर्डियन पर ।
आज रेडियो श्रीलंका की पद्दमिनी परेराजीने इस अवसर पर उनकी युनिवोक्ष पर सुबह 7.15 से 7.30 तक पाँच धूने प्रस्तूत की, जिसकी रेकोर्डिंग पूना के मेरे मित्र श्री गिरीष मानकेश्वरजी से मेईल के द्वारा प्राप्त हुई है । तो मैं उनका और डो. अजितकूमारजी का विषेष आभारी हूँ जिन्होंने स्व. वी. बालसारा साहब की एकोर्डियन के साथ तसवीर लगाई और इस पोस्ट को थोड़ा सा अपना स्पर्श दिया । पर उसके बाद हार्मोनियम की विषेषता बतानी मूझे जरूरी लगी तो मैंनें बादमें संवर्धित किया है ।
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इस महान वादक कलाकार को श्रद्धांजलि स्वरुप आपके दो पुष्प की चाहत में ...
पियुष महेता ।

4 comments:

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

गुणी कलाकार को विनम्र श्रध्धांजलि

डॉ. अजीत कुमार said...

इस गुणी कलाकार को हमारी श्रद्धांजलि . काश की ये मीठी धुन और लम्बी होती...

annapurna said...

मैं अजीत जी से सहमत हूँ।
वी. बलसारा जी को विनम्र श्रद्धांजलि !

Chidambar said...

बल्सारा जी के एकार्डियन की मिठास ही कुछ अलग है और बजाया गया गना भी लाजवाब । कुल सोने पर सुहागा । प्रस्तुती के लिए धन्यवाद । बलसारा जी को श्रद्धांजलि ।

चिदंबर काकतकर

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