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Saturday, June 25, 2011

सेक्सोफोन वादक सुरेश यादवसे एक साक्षात्कार

रेडियोनामा के पाठको और दर्शको,

आपको याद होगा मैनें दि. 16 जून, 2011 को रेडियो श्रीलंका की उद्दघोषिका कांचनमालाजी के जन्मदिन की पोस्ट के अंतर्गत बताया था कि उस दिन कई प्रकार के सेक्सोफोन और अन्य विन्ड वाद्यो के जानेमाने वादक कलाकार सुरेश यादवजी से मुलाकात का दृष्यांकन करने वाला था । वैसे सैद्धांतिक तौर पर यह मुलाकात एक लम्बे समय से तय थी. तो इस बार उनके सुरत आने का समाचार जब उन्होंने मुझे दिया तब मेरी खुशी का तो कहना ही क्या ? मैं समय तय करके उनके पास पहूँचा और जैसा भी परिणाम अपने मर्याद्दित साधनो से मैं पा सका वह आप के सामने प्रस्तुत है ।

तो दृष्यांकन को नीचे देखिये और सुनिये उनके संगीतमय जीवन के बारेमें ।


               

पियुष महेता । सुरत-395001.

Friday, May 20, 2011

वेल कम टू विविध भारती ..महेंद्र मोदी

पिछले करीब 4-5 दिन पर विविध भारती सेवा पर सहायक केन्द्र निर्देशक के रूप में श्री महेन्द्र मोदी दिल्ली से लौट आये है। उनकी निवृती के कितने साल बाकी है और उनमें उनको कितनी छुट्टी लेनी है वह तो पता नहीं, पर एक काम उन्होंने अपने ही क्रिएशन विविध भारती की वेबसाईट को फ़िर से सक्रिय कर दिया है और इसी पर अपनी वापसी और इस साईट के सक्रिय होने की बात लिखी है। तो श्रोताओं की और से और रेडियोनामा की और से उनका स्वागत है और इस ख़बर को मुझे सबसे पहले अन्नपूर्णा जी ने मुझ तक पहुँचा कर मुझे ही इस पोस्ट लिख़ने के लिये कहा, अन्नपूर्णाजी का धन्यवाद ।

*****
लेम्यूअल हेरी साहब को श्रद्धाजंली
एक दु:खद समाचार यह है कि आकाशवाणी अमदावाद के स्पस्ट उच्चारण वाले और सुंदर आवाज के मालिक, जिसे मैं बचपन से सुन कर खुश होता था, वैसे गुजराती और अंग्रेजी समाचार वाचक श्री लेम्यूअल हेरी साहब का निधन अमदावाद में हुआ । इस पर रेडियोनामा की तरफ़ से ख़ेद प्रकट करता हूँ ।

उनसे मेरी फोन पर बात हुई थी और स्पीकर फोन पर बात उनकी आज्ञा से मेरे निजी संग्रह के लिये रेकोर्ड कर के रख़ने का भी सौभाग्य मुझे मिला है पर सैद्धांतिक रूप से मिलना तय होते हुए भी ईश्‍वर ने हमारी नहीं सुनी और उनसे मिलने का कोई मौका ही नहीं बना, इसका मुझे हमेशा अफ़सोस रहेगा।

मेरे रेडियो श्रवण के शुरूआती दिनोंमें हर बुधवार गीतमाला के बाद ऑल इन्डिया रेडियो के राष्ट्रीय अंग्रेजी समाचार के बाद श्री हैरी, समाचार दर्पण नामक गुजराती रेडियो न्यूज रील कार्यक्रम प्रवक्ता के रूप में करते थे, तो इस कार्यक्रम का आकर्षण सबसे ज्यादा उनकी आवाज ही थी और उनसे जब इस कार्यक्रम को अन्य वक्ता को दिया गया तब वे अच्छे होने पर भी उनका स्थान मेरे मन में नहीं पा सके थे।

कुछ समय वे दिल्ही राष्ट्रीय गुजराती समाचार पठन के लिये भी भेज़े गये थे। गीतो भरी कहानी उनका ही आविष्कार था। जो बाद में गीत-गाथा नाम से स्व. रजनी शास्त्रीजी प्रस्तुत करते थे, जो हिन्दी फिल्मी गीतों को पिरोये हुए गुजराती भाषामें कहानी के रूप में प्रस्तुत होते थे।

श्री लेम्यूअल हेरी साहब को विनम्र श्रद्धांजलि

पियुष महेता ।

Tuesday, May 10, 2011

विन्ड इन्स्त्रूमेन्ट्स के वादक कलाकार सुरेश यादवजी को जनम दिन की बधाई



आदरणिय पाठक गण, आज यानि दि. 10 मई को भारतीय फिल्म संगीत में अल्टो सेक्षोफोन, सुप्रानो सेक्षोफोन, सुप्रानिनो सेक्षोफोन, क्लेरीनेट और वेस्टर्न फ्ल्यूट वादन द्वारा सालों से कई संगीत कारों के साथ तथा एक वाद्यवृंद एरेन्जर के रूपमें विषेष प्रदान करने वाले श्री सुरेष यादव की जनम तारीख़ है । तो इस अवसर पर रेडियोनामा की और से उनको शुभ: कामनाएँ प्रदान करता हूँ । आज रेडियो श्री लंकासे श्रीमती ज्योति परमारजीने मेरे द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर उनको जनम दिन की शुभ: कामनाएँ प्रदान की पर उनकी लायब्रेरी का समय सुबह का नहीं होते हुए वे उनकी धून का सिर्फ़ जिक्र कर सकी पर धूने सुनवा नहीं सकी, जिसकी रेकोर्डिंग पूणे के रेडियो श्रोता श्री गिरीष मानकेश्वर द्वारा प्राप्त हुई है तो इन के प्रति घन्यवाद कहते हुए नीचे इस संदेश को सुनिये ।



और अब देख़ीये भी और सुनिये भी, नीचे गुजरात के बिल्लीमोरा शहरमें दि. 20 फरवरी, 2010 के दिन उनका सजीव शॉ प्रसिद्ध एकोर्डियन वादक श्री सुमीत मित्रा के साथ किया था, उसमें से कुछ आईटम्स या उसके कुछ अंश प्रस्तूत किये है । उम्मीद है कि आप उनका मझा लेंगे ।
बन के पंछी-(फिल्म : अनारी) क्लेरीनेट पर


एक दो तीन-(फिल्म : तेजाब)-सुप्रानिनो सेक्षोफोन पर् (जो मूल फिल्ममें भी इन्होंने ही बजाया है ।)


एक प्यार का नग्मा है – (फिल्म: शोर) अल्टो सेक्षोफोन पर


माय हार्ट इझ बिटींग (फिल्म ज्यूली) वेस्टर्न फ्ल्यूट (जो मूल फिल्म में उन्होंने ही बजाया है )


चोली के पीछे क्या है –(खल नायक) सुप्रानिनो सेक्षोफोन पर (जो मूल फिल्ममें उन्होंनें ही बजाया है )


तो एक बार फ़िर सुरेष यादवजीको जनम दिन की शुभ: कामनाएँ और वे सो साल तक़ इसी तरह बजाते रहे वैसी शुभ: कामना ।
पियुष महेता
सुरत-395001.

Sunday, May 8, 2011

1. एस एल बी सी की पद्दमिनी परेराजी-जनम दिन मुबारक 2. रेडियो सिटी की मनमानी

आदरणिय पाठक गण,

आज रेडियो श्रीलंका (सिलोन)-हिन्दी सेवा की निवृत और इन दिनो केझ्यूअल श्री पद्दमिनी परेरा की जनम तारीख़ है । तो इस गुजराती अवसर पर रेडियोनामा और रेडियो श्रीलंका हिन्दी सेवा की तरफ़ से उनको लम्बे और स्वस्थ आयु की शुभ: कामना प्रस्तूत है ।
इन दिनों वे भारते के दौरे पर है ।
पिछ्ली दि. 1 मे, 2011 के दिन रविवार होने के कारण सुबह 11 बजे और रात्री 9 बजे पुन: प्रसारण के साथ रेडियो सिटी 91.1 मेगा हट्झ पर इस चेनल के तय किये हुए सभी शहरोमें श्री अमीन सायानी साहब के कार्यक्रम संगीत के सितारों की मेहफ़ील अंतर्गत स्व. संगीत कार वसंत देसाई पर किस्त आनी थी । पर उस दिन सुरत और पूना जैसे शहरोमें इसके स्थान पर इन राज्यों के स्थापना दिन की सेलिब्रेसन के अंतर्गत स्थानिय प्रस्तूती अंतर्गत क्षेत्रीय भाषा के कार्यक्रम पूरे दिन प्रस्तूत हुए तो इस वसंत देसाई वाले कार्यक्रम के बारेमें जब श्री अमीन सायानी साहब के सुपुत्र श्री राजीलजी को बताया गया तो उन्होंनें चेनल की हेड ओफीस से पूछताछ करके बताया कि इस कार्यक्रमको आज यानि 7 तारीख़ के दिन प्रस्तूत किया जायेगा पर आज रेडियो लगाया तो पिछली 1 तारीख़ के दिन जहाँ इस कार्यक्रम अपने नियत समय पत्रक अनुसार प्रस्तूत हुआ था, उन केन्दों की तरह आज भप्पी लहरी जी का कार्यक्रम आया । तो क्या सुरत और पूणे के लोगो को वसंत देसाई साहब वाला कार्यक्रम गँवाना ही रहेगा ? आज एक फेशन हो गई है कि सरकारी रेडियो और टीवी की ही गलतियाँ हाईलाईट करने की तो निज़ी चेनल का इस प्रकार का प्रसारण क्या सराहनिय है । क्षेत्रीय सेलिब्रेसन के दौरान दो घंटे बाहर से पाये गये कार्यक्रम के लिये सोच नही सकता था %
पियुश महेता
सुरत-395001.

Thursday, April 28, 2011

मशहूर रेडियो-प्रसारक श्री ब्रिज भूषणजी को जनम दिन की शुभ: कामना

आज पहेली बार इस मंच पर आवाझ की दुनिया की एक मशहूर हस्ती आदरणिय श्री ब्रिज भूषणजी को मैं याद फरमा रहा हूँ उनके जनम दिन के उपलक्षमें । मेरी उनसे श्री अमीन सायानी साहब के सौजन्य से दूर भाषी पहचान रही है और वह इस लिये की मुम्बई बहोत बड़ा शहर होने के कारण द्और बाहर से हंगामी रूपसे कुछ ही दिन गये लोगों के लिये अगर बहूत सी जगह जाना होता है तो कुछ एक या दोनों और के समय संजोग के कारण मुमकीन नहीं बनाया पाता हालाकि दोनों और से सैद्धांतीक रूप से मिलने की सहमती हो तो भी, पर इस वक्त तो उनकी तसवीर भी मेरे पास उपलब्ध नहीं है और मेरे मनमें भी इनकी काल्पनीक तसवीर ही बनी हुई है अपने हिसाबसे । नहीं तो आज उनका भी विडीयो इन्तर्व्यू इस स्थान से आप देख़ पाते ।
जहाँ तक मूझे याद है रेडियो श्री लंका से करीब 1960 में ज्न्हें फिल्म झूमरू के विज्ञापन और रेडियो प्रोग्रम में सुना था । यहाँ इस फिल्म के सप्ताहमें दो 15 मिनीट के कार्यक्रम आते थे, जिसमें बूधवार रात्री 9 बजे श्री अमीन सायानी साहब और रविवार दो पहर 12 बजे श्री ब्रिज भूषण साहब इसे प्रस्तूत करते थे । और अपना निज़ी व्यवसाय शुरू करने तक रेडियो सिलोन से अमीन सायानी साहब के सबसे अच्छे साथिदार के रूपमें लोगों की चाहना प्राप्त की थी, अन्य कार्यक्रमोमें शनिवार रात्री रेडियो कहानी और रविवार दो पहर 12.45 पर संगीत पत्रिका बारी बारी श्री कमल बारोट और स्व. शील कूमार वगैरह के साथ प्रस्तूत किये थे । उसके बाद विविध भारती से भी कई कार्यक्रम किये जो स्थानिय प्रसारणमें होने के कारण पूरे देशमें नहीं पहोंच पाये । जिसमें चेरि ब्लोसम नोक झोक उनके साथ उनकी पत्नी मधूरजी (झाहीरा) भी होती थी और इस कार्यक्रम की ओपनींग और क्लोझींग उन्होंने श्री अमीन सायानी साहब से करवाई थी,जो भी मशहूर रेडियो ब्रोडकास्टर रह चूकी है । जहाँ तक मूझे याद है उनका अंतीम रेडियो कार्यक्रम फेमीना की मेहफ़ील था और बादमें वे दृष्य माध्यम यानि टीवी की दुनियामें वोईस-ओवर कलाकार के रूपमें विज्ञापनोंमें ख़ास कर सक्रीय हो गये और रेडियो छूट गया जो श्री कमल शर्माजी के द्वारा उनकी मुलाकात आज के मेहमान अंतर्गत ली गई, तब जूडा ।
इस के अलावा हिन्दी फिल्मोमें संगीतकार के रूपमें उन्होंने फिल्म पठान ( उनके ससुर श्री आताउल्लह ख़ान की निर्मीत फिल्म जो उनका सम्बंध ज़ूड़ने से पहेले की थी सिर्फ एक गाना), मिलाप (दूसरी) एक नाँव दो किनारे, काम शास्त्र और संगदिल (दूसरी) संगीत दिया है ।
एक सुर पहेलू गायक के रूपमें फिल्म पूरब और पश्चीममें ओम जय जगदीश हरे के पहेले संस्कृत श्लोक कल्याणजी आनंदजीने ब्रिज भूषणजी से गवाये थे ।
डबींग कलाकार के रूपमें भी उन्होंनें फिल्म सरस्वती चन्द्रमें बंगाली भाषी कलाकार मनीष कूमार के लिये, फिल्म उपहारमें बंगाली भाषी कलाकार श्री स्वरूप दत्त के लिये और मन मेरा तन तेरा में कोलेज के प्रिन्सीपाल करने वाले कलाकार के लिये डबींग की है ।
श्री ब्रिज भूषण जी को रेडियोनामाकी और से लम्बे स्वस्थ और सक्रिय आयु की शुभ: कामनाएँ ।
पियुष महेता ।
सुरत ।

Wednesday, April 27, 2011

'मैं समय हूँ ।' મને ઓળખ્યો.

आदरणिय पाठक-गण,

आप को मिली जूली भाषा वाला शिर्षक देख़ ताज्जूब हुआ होगा, पर आगे पढ़ते जायेंगे तो यह स्वाभावीक लगेगा । हाल ही में श्री हरीष भीमाणीजी अहमदावाद एक गायिका श्री माया दीपक की एक सीडी मोक्ष के अंदर समाविष्ट श्लोको की सरल श्राव्य समझ की ध्वनि-मुद्री के लिये गये थे तो वहाँ किसी कारण अवकाश बना। तो दिव्य भास्कर की अमदावाद एडिसन वालोंनें उनसे सम्पर्क करके एक मुलाकात अपने अख़बार के लिये ली और ज्नके प्रतिनिधी थे श्री सुधा भट्ट । श्री हरीषजी से उस समाचारपत्रके उस पन्ने के उस हिस्से की प्रत उनसे प्राप्त हुई है । तो हमारा दोनों के गुजराती भाषी होने के गौरव के कारण इस हिन्दी ब्लोग पर उसे प्रस्तूत किया है, तो उसे गुजराती जाननेवाले सभी लोग चावसे पढ़े वैसी आशा है । और यह दिव्य भास्कर के सौजन्य से प्रस्तूत हुआ है ।


पियुष महेता ।
सुरत ।
अगर डो. अजीत कूमारजी को लगे क्री उनकी रेडियोनामा के ले-आऊट के बदलाव को और विचार-विमर्श की आवश्यकता है तो इस पोस्ट को वे एक दो दिन के लिये छिपा सकते है ।

Saturday, April 16, 2011

हिन्दी फ़िल्म-संगीत के एक स्थम्भ श्री एनोक डेनिएल्सस जूग जूग जीओ और आकाशवाणी अमदावादको भी स्थापना दिन मुबारक

प्रिय पाठक गण,
आज मेरे बचपन से माने 12 साल की उम्र से चहीते और आज भी वैसे ही वहीते पियानो पियानो-एकोर्डियन, एलेक्ट्रीक ओर्गन और सिन्थेसाईझर वादक और कई नामी संगीत कारों के चहीते सिर्फ़ वादक ही नहीं पर वाद्य-वृंद एरेन्जर-संचालक और कुछ: हिन्दी और क्षेत्रीय भाषा के टीवी धारावाहीको के संगीत कार या एरेन्जर रह चूके श्री एनोक डेनियेल्स साहब का जनम दिन है । और आज जीवन के इस पडाव पर भी वे अपनी सक्रीयता बनाये हुए है तो रेडियोनामा के लेख़क समूह और पाठक गाण की और से उनको बधाई देते हुए उनके आज जैसे ही स्वस्थ ब्ने रहेने के और 100 से भी ज़्यादा साल तक सक्रीयता बनाये रख़ें और हमारा मनोरंजन करते रहे वैसी शुभ: कामना के साथ कुछ: साल पहेले बिल्लीमोरा में उनका जो शॉ सेक्षोफोन और वेस्टर्न फ्ल्यूट वादक श्याम राज जी के साथ प्रस्तूत किया था और उस शॉ के ओरगेनाईझर गुन्जन ललितकल के श्री नरेश मिस्त्री के सौजन्य से एक गीत मांग के साथ तूम्हारा-फिल्म नया दौर- के गीत की धून का अंश दृष्य स्वरूपमें प्रस्तूत कर रहा हूँ । (इस गीत की इसी कलाकार से इसी साझ पर कोई धून रेकोर्ड म्यूझी-केरसेट या ऑडियो सीडी पर अन्यत्र प्रकाशीत नहीं हुई है ।)
         
                 

और नीचे उस शॉ के देख़ने के दो-चार दिन बाद उस समय रेडियो श्री लंका हिन्दी सेवा पर गीनी चूनी फ़िल्मो गानो से (एस. एम. एस. के बहाने वीबीएस के तराने की तरह ही तो) तैयार सजीव फोन –इन कार्यक्रम ‘गीत मेरे मीत’ के दौरान मैनें इस शॉ के बारेमें और श्री एनोक डेनियेल्स साहब के बारेमें उद्दघोषिका श्रीमती ज्योति परमारजी से जो बात की थी वह बात और मेरी पसंद के गाने का अंश (जो विविध भारती से सुनाई पड़ने का याद नहीं आता) भी आप सुन पायेंगे ।


एक बात और की रेडियो श्री लंका –हिन्दी सेवा से उद्दघोषिका श्री पद्दमिनी परेराजीने सुबह 6 बजे (6.17 तक़ सिर्फ 41 मीटर्स पर सुनाई पडा बादमें 25 मीटर पर पर नेट पर आज नहीं आया ) मेरे जीवन साथी –फिल्म साथी और दूरीयाँ नज़दीकीयाँ -फिल्म दुनिया) और करीब 7.30 से पहेले मेरा और अन्य श्रोता का बघाई संदेश प्रस्तूत करते हुए फिल्म संबंध से चल अकेला (सब धूने उनकी एल पी डिलाईटफूल डझन्स ओन एकोर्डियन बाय एनोक डेनियेल्स से जो बाद में म्यूझीकेसेट ऑडियो सीडी के रूपमें प्रकाशीत हुई और विविध भारती सेवा के पास एलपी और सीडी दोनों है पर बजाने का नाम नहीं । )
धून सुनवाई थी ।
आकाशवाणी अमदावाद का भी आज स्थापना दिन है तो उसको भी हमारा लोगों की और से बघाई और शुभ: कामनाएँ ।
आप की राय का इच्छूक,
पियुष महेता ।
सुरत ।

Wednesday, April 13, 2011

'आवाज़ की दुनिया के दोस्तो' के लेख़क श्री गोपाल शर्माजी को शादी की सालगिरह मुबारक हो

piyushji gopalji

पाठक गण,

आज का दिन रेडियो श्रीलंका की हिन्दी सेवा के भूतपूर्व और अनोख़े मौलिक प्रकार के उद्दघोषक और बादमें भारतमें फ्रीलान्सर प्रसारक रह चूके श्री गोपाल शर्माजीकी शादी की साल-गिरह और साथमें उनकी आत्मकथा 'आवाझ की दुनियाके दोस्तों' के प्रकाशन की भी साल गिरह है । तो श्री गोपाल शर्माजी को इस अवसर पर दोहरी बधाई और उनकी पत्नीजी श्रीमती शशी शर्माजी को भी बधाई रेडियोनामा की और से और उनकी आवाज़ के प्रेमी लोगों की और से प्रस्तूत है । नीचे लेबल्स या श्रेणीमें उनके नाम पर चटका लगाने पर मेरी इसी मंच पर उनके बारेमें लिख़ी गई पोस्ट परसे उनकी यही किताब के प्रथम प्रकाशन के कार्यक्रम के अंश तथा मेरी उनके घर उनसे की गई बात-चीत दृष्य-श्रव्य रूपमें आप पायेंगे । एक ख़ुशी इस बात की है कि आज रेडियो श्रीलंका से वहाँ की निवृत (हाल कैजुअल ) उद्दधोषिका श्री पद्दमिनी परेराजीने भी उनकी बधाई दी और मेरे सहित अन्य श्रोताओं के बधाई संदेश प्रस्तूत किये ।

पियुष महेता ।
सुरत-395001.

Tuesday, April 12, 2011

रेडियो श्री लंका -हिन्दी सेवा अब सुबहमें भी नेट पर और वहाँ की उद्दघोषिका सुभाषिनी को जनम दिन की बधाई

रेडियो श्री लंका की उद्दघोषिका श्री सुभाषिनी डी'सिल्वाके आज जनम दिन पर उनको स्वस्थ और सक्रिय लम्बी उम्र की रेडियोनामा की और से शुभ: कामनाऐँ ।
इस के साथ एक और खुश: खबर पूराने अलभ्य गानों के चाहको और संग्राहको के लिये की दो दिन से रेडियो श्री लंका की हिन्दी सेवा का प्रसारण शॉर्ट वेव के 25 और 41 मीटरों के अलावा इन्टरनेट पर भी शुरू हुआ है और इस के कारणमें हम जैसे कई श्रोता की मांग का स्वीकार है पर इन श्रोतामें सबसे उपर नाम मूझे इन्दौर के श्री कैलाश शुक्ला का लेना उपयूक्त लगता है, जिन्होंने कई बार वहाँ के अलग अलग समय के अलग अलग चॆयरमेनसे लम्बी टेलीफोनीक बातें की और कई पत्र पोस्ट द्वारा भेज़े ।
इस का लिन्क www.slbc.lk के अन्तर्गत बाँये हाथ की और Listen Live के नीचे All Asia Hindi Service पर क्लिक करके एक फाईल अपने डेस्क टॉप पर डाऊनलोड करनी होगी, जिसे प्रसारण समय के दौरान विन्डोझ मिडीया प्लेयर से नेट कनेक्सन चालू रख़के प्ले करने पर सजीव प्रसारण भारतीय समय के मूताबीक सुबह 5.50 से 8 बजे (मंगलवार को 8.15 तक) सुना जा सकता है, जो अमेरिका केनेडा और पूर्वीय देशो में समय के अनुसार ज्यादा सहुलियत से सुना जा सकता है पर अरब देशो, अफ्रिका और युरोप के लिये थोडा तेढा समय बाला रहेगा । अगर बीबीसी और वोईस ओफ अमेरिका की तरह कोई भी प्रसारन एक हप्ते तक मिल पाये ऐसा कोई प्रबंध हो तो ज्यादा खुशी की बात होगी । पर एक बात तय है कि एक समय लगता था कि इस सेवा कभी भी बंद होने का डर था वह हाल तो नहीं रहा । कल ही एक और बधाई के साथ फिर मिलेंगे ।
पियुष महेता ।
सुरत-395001.

Wednesday, March 30, 2011

रेडियो श्रीलंका-हिन्दी सेवा और आकाशवाणी सुरत को स्थापना दिन की बधाईयाँ

आज यानि 30 मार्च रेडियो श्रीलंका हिन्दी सेवा का स्थापना दिन है और आकाशवाणी सुरत का भी स्थापना दिन है । रेडियो श्री लंका का प्रसारण समय दिन ब दिन कम होते होते इन दिनों सुबह 2 घंटे और 5 मिनीट का और सिर्फ़ मंगलवार केदिन 15 मिनीट ज्यादा रहता है । पर एक बात जरूर कि आज भी कई पूराने अलभ्य गानो को कुछ हद तक़ प्रसारित करता है और फिल्मी वादक कलाकारों के जनम दिन या मृत्यू दिन पर समय संजोग आधारित एक या ज्यादा धूनो के विषेष कार्यक्रमो को प्रसारित करता है । जब कि रात्री प्रसारण 1 घंटे के दौरान इन्ग्लीश सेवा के अंतर्गत इन्ग्लीश-हिन्दी का मिला-जूला रहता है ।
जब कि आकाशवाणी सुरत सवा तीन घंटे के सांध्य प्रसारण से एफ एम लोकल के रूपमें शुरू हो कर 9 साल से विविघ भारती की विज्ञापन प्रसारण सेवाके रूपमें कार्यरत है । पर यहाँ के भूतपूर्व और आज सेवा-निवृत केन्द्र निर्देषक श्री भगीरथ पंड्या साहब के अलग अलग कार्यकाल को छोड कर मनोरंजन चेनल होते हुए भी स्थानिय कार्यक्रमोको काफ़ी हद तक़ प्रायमरी चेनल के कार्यक्रमो जैसा बनाया है । और राजकोट विविध भारती पर जैसे स्व. मूकेश साहब की पूण्य तिथी पर जाने माने रेडियो श्रोता श्री मधूसूदन भट्ट को सजीव प्रसारण में आमंत्रीत किया गया था, वैसी तो क्या पूर्व ध्वनि-मूद्रीत कार्यक्रममें भी किसी आम श्रोता को बूलाया जाय वैसी स्थानिय निती रही ही नहीं है । और सरकार और प्रसार भारती तो सुरत को प्रायमरी चेनल देने के मामलेमें अपने दिमाग की ख़िडकीयाँ बंध करके बैठे है । सरकारी विभागो या सरकार प्रायोजीत निगमो द्रारा प्रायोजित कार्यक्रमो को स्थानिय प्रसारण अन्तर्गत शानिल करवाने के बजाय विविध भारती सेवा के कार्यक्रमो के सह-प्रसारण में काट छाट सहनी पड रही है । (यह बात सभी स्थानिय विविध भारती केन्द्रों को लागू होती आयी है ।) डीटीएच अभी मोबाईल में नहीं के बराबर मिल रहा है । आकाशवाणी चाहे स्थानिय विविध भारती केन्द्रों को आय का साधन माने पर आम श्रोता के लिये सबसे पहेले विविध भारती सेवा के कार्यक्रम सुनने सुस्पष्ट के साधन ही है ।

पियुष महेता ।
सुरत ।

Thursday, March 24, 2011

वी. (यानि विस्तास्प) बलसारा को पुण्यतिथि पर संगीत भरी श्रद्धांजलि



आज, यानि 24 मार्च; भारतीय फिल्म संगीत के एक जाने माने वादक कलाकार स्व. वी. बलसारा, जो हारमोनियम (पैर वाली भी), पियानो, पियानो-एकोर्डियन, युनिवोक्स(क्ले वायलिन जैसा ही शायद निर्माता कम्पनियों द्वारा दिये गये साजों के नाम), मेन्डोलिन, इलेक्ट्रिक ऑर्गन और सिन्थेसाईजर)को बजा लेते थे पर पैर वाले दोनों हाथों से बजने वाले हार्मोनियम पियानो स्टाईल से बजाने में उनकी विषेष महारत थी । तो आज उनकी पुण्यतिथि पर फ़िल्म "बरसात" के गीत की धुन इस बार पियानो-एकोर्डियन पर ।
आज रेडियो श्रीलंका की पद्दमिनी परेराजीने इस अवसर पर उनकी युनिवोक्ष पर सुबह 7.15 से 7.30 तक पाँच धूने प्रस्तूत की, जिसकी रेकोर्डिंग पूना के मेरे मित्र श्री गिरीष मानकेश्वरजी से मेईल के द्वारा प्राप्त हुई है । तो मैं उनका और डो. अजितकूमारजी का विषेष आभारी हूँ जिन्होंने स्व. वी. बालसारा साहब की एकोर्डियन के साथ तसवीर लगाई और इस पोस्ट को थोड़ा सा अपना स्पर्श दिया । पर उसके बाद हार्मोनियम की विषेषता बतानी मूझे जरूरी लगी तो मैंनें बादमें संवर्धित किया है ।
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इस महान वादक कलाकार को श्रद्धांजलि स्वरुप आपके दो पुष्प की चाहत में ...
पियुष महेता ।

Thursday, March 10, 2011

मेन्डोलिन वादक श्री महेन्द्र भावसार को जनम दिन बधाई

आज हिन्दी फिल्म संगीतमें एक जमाने के बहोत ही सक्रिय मेन्डोलिन वादक श्री महेन्द्र भावसार के जनम दिन पर उनकी इसी साझ पर बजाई हुई फिल्म 'मन मंदीर' के गीत 'जादूगर तेरे नैना' की धून का अंश नीचे प्रस्तूत है । 1933 में आज ही के दिन पैदा हुए श्री महेन्द्र भावसार को जनम दिन की ढेर सारी बधाई और स्वस्थ लम्बे आयु की शुभ: कामनाऐं ।




आज श्रीमती अन्नपूर्णाजी की पोस्ट के तूरंत बाद इस विषेष अवसर के कारण मेरी पोस्ट रख़नी पड रही है पर बहोत ही छोटी लिख़ाई के कारण उनकी पोस्ट भी नज़रमें पहेले पन्ने पर ही आयेगी । फ़िर भी उनसे क्षमा चाहता हूँ । और पाठको से अनुरोध है कि नीचे उनकी पोस्ट भी पढ़े
पियुष महेता ।
सुरत-395001.
ता.क. टिपणीकर्ता लोगों को याद रख़ कर पूरी धून निजी मेईल से भेज़ीने का प्रयास जरूर करूँगा ।

Tuesday, March 8, 2011

आज वान शिप्ले को पूण्य तिथी पर श्रद्धांजलि

आज यानि ता. 8 मार्च एक जमाने के प्रसिद्ध और अपनी निज़ी स्टाईल के इलेक्ट्रीक हवाईन गिटार और वायोलिन वादक स्व. वान शिप्ले को इनकी मृत्यू तारीख़ पर श्रद्धांजलि के रूपमें उनकी एक आज के दिनोंमें अप्राप्य धून फिल्म धून्ध के शिर्षक गीत की इलेक्ट्रीक हवाईन गिटार पर एक अंश के रूपमें प्रस्तूत है ।



आज स्व. मनोहरी सिंह का जनम दिन है पर उन पर पोस्ट उनकी मृत्यू तारीख़ पर होगी ।
पियुष महेता ।
सुरत ।

Saturday, March 5, 2011

स्व. केरशी मिस्त्री को पूण्य तिथी पर याद ।

आज यानि दि. 5 फरवरी के दिन, एच. एम. वी. के स्टाफ पियानो और सोलोवोक्ष वादक तथा वाद्यवृंद संचालक स्व. केरशी मिस्त्रीजीको याद करते हुए नीचे प्रस्तूत करता हूँ, उनकी पियानो पर बजाई फिल्म यादों की बारात के शिर्षक गीतका शुरूआती और पहेले अंतरे का अंश ।


पियुष महेता ।
सुरत-395001.

Tuesday, February 15, 2011

प्रसार माघ्यम के बहुआयामी व्यक्तीत्व के मालिक श्री हरीष भीमाणी साहब को आज जनम दिन की शुभ: कामना के उनसे साथ साक्षात्कार

आज जानेमाने रेडियो और टीवी प्रसारक, समाचार वाचक, वॉईस ओवर के कलाकार, अदाकार, धारावाहीक लेख़क, निर्माता, निर्देषक और अभिनेता और बी आर टी वी के महाभारत के सुत्रघार 'समय' श्री हरीष भीमाणीजी का जनम दिन है और करीब दो साल पहेले इसी मंच पर मैनें उन पर एक लेख़ प्रकाशित किया था । और तब से इक ख़्वाहीश मनमें बनी थी, और उनसे नेट चेट के समय सैद्धांतीक रूप से सहमती भी पायी थी, कि जब भी हमारा दोनों को आमने सामने रूबरू होने का मोका मिले, एक बातचीत द्रष्यांकित करनी है । और इस दिसम्बर, 2010 की 20 तारीख़ को भगवानने मेरी सुनाओ ली और हमारी प्रथम सदेह भेट हुई उनके कार्यालय कम स्टूडियोमें साम को । तो आज उनको जनम दिन की और सिर्फ़ लम्बी ही नहीं पर बड़ी जिन्दगी की शुभ: कामनाएँ देते हुए नीचे उनसे की गई बातचीत चार भागोमें प्रस्तूत कर रहा हूँ और इस पोस्ट की पाँचवी विडीयो में आप उनको समय के रूपमें फ़िरसे सुनाओ पायेंगे ।

ख़ंड: 1

ख़ंड: 2


ख़ंड: 3

ख़ंड: 4



समय:

पियुष महेता ।
सुरत ।

Saturday, February 12, 2011

श्री रिपूसूदन कूमार ऐलावादीजी के जनम दिन पर शुभ: कामना

आज यानि 12 फरवरी के दिन रेडियो श्रीलंका-हिन्दी सेवा के भूतपूर्व (1976-1981) उद्दघोषक श्री रिपूसूदन कूमार ऐलावादीजी के जनम दिन पर करीब तीन साल पहेले की गई और इसी मंच पर यू-ट्यूब के बजाय गूगल विडीयो के माध्यम से दो भागोमें प्रसारित बातचीत को इक ही भागमें समाविष्ट बात चीत के रूपमें फ़िरसे सुनिये और देख़ीये ।( उस समय यू-ट्यूब ने स्वीकार किया था पर अब लम्बी बात (विडीयो) स्वीकार होती है ।)



आज रेडियो श्री लंकाकी श्रीमती ज्योति परमारजीने मेरे भेज़े हुए मोबाईल संदेश पर इनको जनम दिन की बधाई देते हुए सुजाता का गाना तूम जियो हज़ारो साल प्रसारित किया था करीब 7.26 सुबह ।

पियुष महेता
सुरत-395001.

Monday, December 27, 2010

वरिष्ठ रेडियो उदघोषक श्री गोपाल शर्माजी को उनके जनम दिन की शुभ: कामनाओं के साथ दृष्य साक्सातकार

इस पोस्ट को दि. 28 के ही दिन 1 ए.म. पर रख़ा गया था, पर इस पर साईन इन 12 के पहेले होने के कारण ता. 27 ही दिख़ाई देती है । और दूसरी बात की इस रेकोर्डींग को देख़ते सुनते किसी और के बताये बिना ही मेरे ध्यानमें मेरी एक गलती आयी है कि मैनें श्री गोपाल शर्माजी की अत्मकथा के लिये गलती से ओटोबायोग्राफ़ी की जगह बायोग्राफ़ी शब्द इस्तेमाल किया है । पर भले शर्माजीने मूझे उस समय सुधारना ठीक़ नहीं समझा होगा । वैसे उनकी भाषा पर काबू का कोई जवाब नहीं है । और तीसरी बात इस रेकोर्डिंगमें केमेरा मेन यानि विडीयोग्राफर , लाईट मेन , सेट मास्तर और इन्टरव्यूअर और बाद्में सम्पादक की पाँचो भूमीकाएँ मूझसे जैसे बनाया पडा, निभाई है । तो मूल रेकोर्डिं सही होने पर भी सम्पादन के दौरान कहीं विडीयो की गुणवत्ता नीचले हिस्सेमें कहीं कहीं थोड़ी सी ठीक नहीं आयी है । तो इसके लिये क्षमा प्रार्थी हूँ । और इस निर्धारीत समय मर्यादामें काम निपटाने के लिये थकान तो होनी ही थी ।
आज यानि दि. 28-दिसम्बर के दिन रेडियो प्रसारण के एक महत्व पूर्ण पायोनियर श्री गोपाल शर्माजी की जनम तारीख़ है, तो
इस अवसर पर उनको जनम दिन की रेडियोनामा की और से शुभ: कामनाएँ देते हुए मेरी हाल ही की मुम्बई यात्रा के दौरान दि. 19 के दिन उनके बुलावे पर उनक्रे धर की गई उनके केरियर के बारेमें वातचीत को आप सुन ही नहीं पर देख़ भी पायेंगे, जो अवसर आज से तीन साल पहेले वहाँ की लोकल ट्रेईन्स की गरबडीयों के कारण खो दिया था । जो चार भागोमें बाँटना पडा है । शायद दूसरा भाग आप देख़ नहीं पाये तो इसका ऑडियो भी रख़ा जायेगा । यहाँ एक और बात बता दूँ, कि दि. 21 दिसम्बर के दिन श्री अमीन सायानी साहब को सुरत में गैरहाज़री के कारण उनको इस मंच से बधाई नहीं दे पाया पर उनको उसी दिन उनके कार्यालय जा कर बधाई देनेका सुनहरी मोका मिला ।









पियुष महेता ।
सुरत ।

Friday, November 26, 2010

बोलिवूड म्यूझीक के एकोर्डियन और सिंथेसाईझर वादक श्री सुमित मित्रा को जनम दिन की बधाईयाँ ।

दि.26, नवम्बर, 2010 की मेरी इसी विषय की पोस्ट जो श्री सागर भाईने इस ब्लोग के सम्पादक की हेसीयत से हंगामी रूप से हटा कर रख़ी थी, उसे उस कलाकार को जनम दिनकी बधाई के रूपमें इतने दिनों के बाद प्रस्तूत करना तो कोई रूपसे सही तो कैसे लगेगा पर उस कलाकार के बारेमें थोड़ी सी पहचान देने के लिये और जो जन्हें और उनके भारतीय फिल्म संगीत में उनके योददान को जानते है उनको ताझा करने के लिये उनकी जानकारीयोँ में से बहोत कम नीचे इन संजोग के आधीन जरूरी सुधार के साथ प्रस्तूत कर रहा हूँ ।

दि. 26 नवम्बर के दिन मुम्बई स्थित भारतीय फिल्म संगीत में अपने एकोर्डियन वादन द्वारा योगदान प्रदान करने वाले
श्री सुमित मित्राजीने अपना जन्मदिन मनाया था । मैं ख़ुश-किस्मत हूँ कि 21 (शायद?), फरवरी, 2010 के दिन बिल्लीमोरा के मेरे मित्र और वहाँ की गुन्जन ललित कला संस्थाके कर्ताहर्ता श्री नरेश मिस्त्रीजी (खूद भी एकोर्डियन वादक) द्वारा आयोजित एक फिल्म वाद्य संगीत के शो में उनके द्वारा आमंत्रित हो कर मैं मेरे मित्र सुरत के जी. रझाक बेन्ड के श्री फारूक भाई और अन्य मित्र श्री शिरीष भाई के साथ गया था और उस कार्यक्रम में सुमितजी और सेक्सोफोन, क्लेरीनेट और वेस्टर्न फ्ल्यूट वादक श्री सुरेश यादव को बहूत आनंद से सुना और देख़ा था ।

उनकी फिल्मी धुनों की आज तक सिर्फ एक रेकोर्ड उस समय की पोलिडोर नाम धारी रेकोर्ड कम्पनी ने निकाला था जिसमें फिल्म बॉबी के चार गीत उन्होंने एकोर्डियन पर नहीं पर इलेक्ट्रिक ऑर्गन पर बजाई थी, जिसमें उनकी मेरे साथ हुई बात के अनुसार एकोर्डियन पर धीरज कुमार ने साथ दिया था । जब की मूल गानेमें सुमितजीने ही एकोर्डियन बजाया है और बाद में उस इ पी रेकोर्ड को स्व. अरूण पौडवाल की बजाई एकोर्डियन पर फिल्म मेरा नाम जोकर के तीन गानो के ई पी रेकोर्ड की धून के साथ मिली जुली एल पी रेकोर्ड प्रस्तुत हुई थी । उस समय मुझे उनके साथ तसवीर खिंचवाने का मौका मिला था जो फारूक भाई और सुमितजी के सौजन्य से नीचे प्रस्तुत की है ।


नीचे देख़ीये और सुनिये उसी कार्यक्रम में उनके द्वारा बजाई गई फिल्म झुक गया आसमान के शीर्षक गीत की एकोर्डियन पर धुन जिसमें सिन्थेसाईझर पर बडोदरा के श्री दिलीप रावल है और पर्क्यूसन (इस शब्दमें कोई गलती हो तो सुधार बताईए) पर मुम्बईमें फिल्म उद्योग में सालों काम करने वाले श्री नरेन्द्र वकील है ।



नीचे आज रेडियो श्रीलंका पर मेरे द्वारा भेजी गई सूचना के आधार पर सुबह 7.34 पर वहाँ की उद्दघोषिका श्रीमती ज्योति परमारजी ने प्रस्तुत किया हुआ बधाई संदेश सुनिये ।



रेडियोनामा के इस मंच से भी श्री सुमितजी को जनम दिन की ढेर सारी शुभ: कामनाएँ ।
(सामान्य रूप से मेरी यह नीति नहीं रही है कि अन्य पोस्ट लेख़क की पोस्ट पर तूर्त (तुरंत) ही मेरी पोस्ट लिख़ दूँ । पर जनम दिन के बारेमें पोस्ट उसी दिन प्रकाशित करनी होती है, इस लिये संजयजी और अन्नपूर्णाजी क्षमा करें और नये जूडने वाले पाठको से अनुरोध है कि वे पोस्ट भी पढे, हालाकि युनूसजी जैसे तो पढ चूके (चुके) है संजय जी की पोस्ट)
पियुष महेता ।
सुरत ।

Tuesday, November 23, 2010

प्रसार भारती की आकाशवाणी और दूर दर्शन सेवा करीब करीब सम्पूर्ण ठप !

आज प्रसार भारती की रेडियो सेवा आकाशवाणी के सभी चेनल्स सुबह शुरू तो हुई पर बादमें पूरानी फिल्मो के गीतो और संगीत सरीता जैसे क्लासीक कार्यक्रम सुनने वाले काफ़ी श्रोताओनें चित्रलोक के समाप्ती के नियत समय पश्चाद्द किसी समय रेडियो ओन करने गये तो रेडियो सिग्नल्स गायब थे । रेडियो यानि सिर्फ एफ एम, इस प्रकार का अर्थ निकालने वाली नयी पिठी के मोबाईल धारक श्रोता लोगोने इधर उधर फ्रिक्वंसीझ ट्यून करके जन लिया की सिर्फ़ आकाशवाणी ही ठप हुई है और निजी चेनल्स अपना प्रसारण जारि रख़े हुए है । पर जो श्रोता निजी चेनल्स के करीब एक ही प्रकार के प्रसारण से उब गये है और विविध भारती के करीब हर घंटे पर बदले स्वरूप के कार्यक्रम को पसंद करते है वे निराश हो गये और इनमें से कुछ श्रोताओनें मूझे भी फोन करके पूछा की विविध भारती क्यों रूक गई । पूराने रेडियो श्रोता लोगों में से जिन के पास उपग्रहीय रिसीवर्स है जो डीटीएच (बिना शुल्क सेवा) या अन्य निज़ी उपग्रह प्रसारण नेटवर्क के पेय चेनल्स के साथ प्राप्त करते है वे रेडियो के बारेमें निराश हुए । पर विविध भारती की लधू तरंग कम्प संख्या, 9.87 मेगा हट्झ जो मुम्बई से विविघ भारती के उपग्रह प्रसारण को बेन्गलोर में प्राप्त करके भूमीगत प्रसारित कर रही है, वहाँ से बेन्गलोर के किसी स्थानिय स्टूडियो से बजने वाला दक्षिण भारतीय शास्त्रीय संगीत सुबह तो सुननेमें आया था, फिर कौन कोशिश करें ! दूर दर्शन किसी तरह पूराने कार्यक्रमो को दिख़ा रहा था । और वह भी नेशनल हिन्दी, गुजराती, डी डी भारती, डी डी इन्डीया, सभी सिर्फ़ सेटेलाईट द्वारा पर स्थानिय रिले-केन्द्रो तो बिलकूल ही बंध रहे । आज हमें भी एक बात समझनी चाहीए कि सरकार का यही उपक्रम है कि सभी कोर्पोरेसन्स को डिस-इनवेस्मेन्ट्स द्वारा निज़ी हाथोमें थमा देना । प्रसार भारती अटका है तो अभी तक एक ही कारण है सरकार चलाने वाली पार्टी का प्रत्यक्ष या परोक्ष प्रचार । पर बड़े उद्योग-गृहो कि इतनी पहोंच बढती दिख़ रही है कि प्रसार भारती का भी निज़ी-करण करवा सके तो आश्चर्य की बात नहीं होगी । और आज के निज़ी रेडियो-चेनल्स के प्रसारन को दुनते हुए अगर ऐसा हुआ तो सुनने वालों के क्या हालात होगे वह कल्पना भी डरावनी लगती है । और शायद आज कार्यरत कर्मचारी, अधिकारी भी शायद अपने आपको पेन्सन या अतिरीक्तता जैसी बातों को ले कर अपने आप को असुरक्षित महेसूस करेंगे । सरकारों का एक और उपक्रम आजकल चल रहा है, कि जब हडताल जोर पर होती है, तब बातचीत के लिये बूलावा कर्मचारी संगठनो को भेज़ कर आम जनता की सहानूभूती अपनी और करने की कोशिश करती है पर वह सिर्फ कर्मचारी आन्दोलनो की लडाई के टेम्पो को ठंडा कर देने की कोशीश ही होती है । सरकारओ को अपनी ही बढाई हुई महेंगाई सिर्फ कुछ भी नहीं करके तगडे वेतन पाने वाले सांसदो के सम्बंधमें ही नज़रमें आती है । जब की उसी के हिसाबसे थोडे कम बढे कर्मचारीयों वेतनो ज़्यादा लगते है तो, भरती, बढती पर अंकुश लगा कर रोजाना कर्मचारीयों द्वारा या कोंट्राक्ट द्वारा काम निकलवाने की निती बनायी जाती है । नीचे आकाशवाणी सुरत के सभी वर्ग के कर्मचारीयों द्वारा सामुहीक रूपसे चलाये जाने वाल्रे काम रोको आंदोलन अंतर्गत किये गये दिख़ावो की दो तसवीरें देख़ीये ।



पियुष महेता ।
सुरत-395001.

Thursday, November 18, 2010

पार्श्व-गायिका और रेडियो विज्ञापन प्रसारक श्रीमती कमल बारोट को जनमदिन की बधाई



(तसवीर प्राप्ती : श्री हरीष रघुवंशी )
दारेसलाम में 18 नवेम्बर, 1932 को पैदा हुई श्रीमती कमल बारोट भारत आ कर एक तरफ नये गायक गायिका की प्रतियोगीतामें हिस्सा ले कर सबसे पहेले कल्याणजी आनंदजी के संगीतमें फिल्म ओ तेरा क्या कहना के श्री सुबीर सेन के साथ गाये युगल गीत दिल दे के जाते हो कहाँ से फिल्म पार्श्व गायन के क्षेत्रमें प्रवेश कर सकी तो दूसरी और रेडियो श्रीलंका के भारत स्थित व्यापारी प्रतिनीधी रेडियो एडवर्टाईझींग सर्विसिस के स्व. बाल गोविन्द श्रीवास्तवजी द्वारा उनकी सहयोगी के रूपमें भी कदम रख़ा और बाल गोविंद श्रीवास्तव के अलावा स्व. शील कूमार के साथ भी कई फिल्मो के विज्ञापन और प्रायोजीत कार्यक्रम किये, जिसमें गीत गाया पत्त्थरोंनें, कश्मीर की कली, और सुहाग दिवान के साथ गुजराती फिल्म रमत रमाडे राम भी शामिल थी, ( कमल जी उसमें हिन्दीमें ही बोली थी, हाँ एन इवनिंग इन पेरीसमें शील कूमारजी और कमलजीने एक प्रायोजित रेडियो प्रोग्राममें फिल्म दर्शकोकी राये प्रसारित की थी, जो दर्शको की मातृभाषामें थी, इसमें एक गुजराती भाषी श्रोता के साथ वे सिर्फ़ प्रथम और अन्तीम बार रेडियो प्रसारणमें गुजराती बोली थी । हालाकि उनकी मातृभाषा गुजराती ही है और करीब चार साल पहेले मेरी उनसे मुलाकात (बाल गोविंद श्री वास्तवजी के साथ एक ही समय) हुई थी, तब काफ़ी बातें हुई थी । बादमें 1967 के बाद वे विविध भारती के मुम्बई पूना और नागपूर केन्दों के श्रोताओ तक ही विज्ञापन कार के रूपमें श्री बाल गोविंद श्रीवास्तवजी के साथ जूडी रही । और शक्तिराज फिल्म, श्री शक्ती मिल्स वगैरह प्रायोजित कार्यक्रम किये । उस दौरान पार्श्वगान तथा गैर फिल्मी सुगम संगीत हिन्दी और गुजरातीमें भी चलता रहा तथा पाकिस्तान से आये गझल गायक मेहदी हसन सहीत कई स्तेज़ शॉझ का आयोजन किया । पारसमणी का लताजी के साथ गाया गीत हस्ता हुआ नूरानी चेहरा ने लोकप्रियता की बूलंदी हासिल की । हाल वे लंडन और मुम्बई बारीबारी आती जाती रहती है । श्रीमती कमल बारोटजीको जनम दिन की शुभ: कामना और स्वस्थ लम्बे आयू की शुभेच्छा ।
पियुष महेता ।
सुरत ।

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