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Thursday, November 18, 2010

पार्श्व-गायिका और रेडियो विज्ञापन प्रसारक श्रीमती कमल बारोट को जनमदिन की बधाई



(तसवीर प्राप्ती : श्री हरीष रघुवंशी )
दारेसलाम में 18 नवेम्बर, 1932 को पैदा हुई श्रीमती कमल बारोट भारत आ कर एक तरफ नये गायक गायिका की प्रतियोगीतामें हिस्सा ले कर सबसे पहेले कल्याणजी आनंदजी के संगीतमें फिल्म ओ तेरा क्या कहना के श्री सुबीर सेन के साथ गाये युगल गीत दिल दे के जाते हो कहाँ से फिल्म पार्श्व गायन के क्षेत्रमें प्रवेश कर सकी तो दूसरी और रेडियो श्रीलंका के भारत स्थित व्यापारी प्रतिनीधी रेडियो एडवर्टाईझींग सर्विसिस के स्व. बाल गोविन्द श्रीवास्तवजी द्वारा उनकी सहयोगी के रूपमें भी कदम रख़ा और बाल गोविंद श्रीवास्तव के अलावा स्व. शील कूमार के साथ भी कई फिल्मो के विज्ञापन और प्रायोजीत कार्यक्रम किये, जिसमें गीत गाया पत्त्थरोंनें, कश्मीर की कली, और सुहाग दिवान के साथ गुजराती फिल्म रमत रमाडे राम भी शामिल थी, ( कमल जी उसमें हिन्दीमें ही बोली थी, हाँ एन इवनिंग इन पेरीसमें शील कूमारजी और कमलजीने एक प्रायोजित रेडियो प्रोग्राममें फिल्म दर्शकोकी राये प्रसारित की थी, जो दर्शको की मातृभाषामें थी, इसमें एक गुजराती भाषी श्रोता के साथ वे सिर्फ़ प्रथम और अन्तीम बार रेडियो प्रसारणमें गुजराती बोली थी । हालाकि उनकी मातृभाषा गुजराती ही है और करीब चार साल पहेले मेरी उनसे मुलाकात (बाल गोविंद श्री वास्तवजी के साथ एक ही समय) हुई थी, तब काफ़ी बातें हुई थी । बादमें 1967 के बाद वे विविध भारती के मुम्बई पूना और नागपूर केन्दों के श्रोताओ तक ही विज्ञापन कार के रूपमें श्री बाल गोविंद श्रीवास्तवजी के साथ जूडी रही । और शक्तिराज फिल्म, श्री शक्ती मिल्स वगैरह प्रायोजित कार्यक्रम किये । उस दौरान पार्श्वगान तथा गैर फिल्मी सुगम संगीत हिन्दी और गुजरातीमें भी चलता रहा तथा पाकिस्तान से आये गझल गायक मेहदी हसन सहीत कई स्तेज़ शॉझ का आयोजन किया । पारसमणी का लताजी के साथ गाया गीत हस्ता हुआ नूरानी चेहरा ने लोकप्रियता की बूलंदी हासिल की । हाल वे लंडन और मुम्बई बारीबारी आती जाती रहती है । श्रीमती कमल बारोटजीको जनम दिन की शुभ: कामना और स्वस्थ लम्बे आयू की शुभेच्छा ।
पियुष महेता ।
सुरत ।

4 comments:

Naresh Kapadia said...

प्रीय पियुष जी,

आपकी कमल बारोट जी संदर्भ में लिखावट पढकर बहुत खुशी हुई. मेरे लिये ये एक अंजान पन्ना पढने जैसा था. आपने जीनका जीक्र किया है वह गाने मेरे भी प्रिय है और मैंने भी कमल जी की आवाज की सराहना की है. वे अब 68 साल की बुजुर्ग है. उनको प्रणाम करते हुए अच्छे स्वास्थय एवं मन की शांति मिले ऐसी प्रभु प्रार्थना करता हुं. आपके साथ हरीश रघुवंशी जी भी अच्छी तस्वीर देने के लिये अभिनंदन के अधिकारी बनते है.

नरेश कापडीआ, सुरत
99099 21100

annapurna said...

कमल बारोट जी को जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं !

उनके गाए युगल गीत तो अच्छे हैं ही मुझे रामू दादा फिल्म का एकल गीत (सोलो) - सुना हैं जबसे मौसम हैं प्यार के काबिल बहुत पसंद हैं.

Chidambar said...

वैसे कमल जी के कई अच्छे गाने हैं, लेकिन ‘मैं शादी करने चला’ फिल्म के ‘जब से हम तुम बहारों में’ गाने के मुकेश वर्शन में उनकी खनकती आवाज की बात ही कुछ और है । पीयुष जी द्वारा उल्लॆखित सारे विज्ञापनों को मैं भी सुना करता था लेकिन पता नहीं था कि वह आवाज़ कमल बारोट की थी !

चिदंबर काकतकर

डॉ. अजीत कुमार said...

पीयूष जी, आज मैंने कमल बारोट जी के बारे में थोड़ा विस्तार से आपके इस पोस्ट के जरिये जाना. वैसे तो मैं उनके गाने सुनता ही रहा हूँ और पसंद भी करता हूँ. बत ये जानना की विज्ञापन आदि की दुनिया से भी जुडी रही, नई बात रही. आपसे ऐसे ही जानकारी वाले पोस्ट की दरकार हमेशा रहती है. धन्यवाद.

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