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Thursday, June 26, 2008

विविध भारती का ख़ूबसूरत अंदाज़

कहते है महिलाएँ जब भी आपस में बातें करती है उनकी बातचीत में दो मुख्य विषय होते है - रसोई और ख़ूबसूरती। पिछले चिट्ठे में हमने रसोई की बातें की, आज चर्चा ख़ूबसूरती की।

सखि-सहेली के बुधवार के प्रसारण में ख़ूबसूरती की चर्चा की जाती है। सखियाँ कहती भी है कि आज बुधवार है और आज हम देंगें ब्यूटी टिप्स। कभी-कभार कुछ सखियाँ भी चिट्ठी लिख कर कुछ टिप्स भेजती है जिसे पढकर भी सुनाया जाता है।

अक्सर उन सामान्य बातों को याद दिलाया जाता है जिन्हें हम भूल जाते है जैसे बालों में रूसी हो तो दही या बेसन से बालों को धोया जाए। हम सभी भारतीय इस बात को जानते है कि घरेलु उपाय से ख़ूबसूरती निखरती है पर उनकी ओर ध्यान कम ही जाता है पर सखि-सहेली उनकी ओर हमारा ध्यान खींचती है।

ऐसी कई काम की बातें बताई गई जैसे बदलते मौसम में बालों की देखभाल के घरेलु उपाय। त्वचा को नरम बनाने के लिए नींबू के रस में ग्लिसरीन मिला कर लगाना चाहिए। गरमी में त्वचा को अच्छा रखने के लिए टमाटर, खीरे और नींबू का रस मिला कर लगाना।

सखियों द्वारा भेजी गई जानकारियों में कई नई बातें जानने को मिली जैसे एक सहेली ने लिख भेजा कि ग्वारपाठे की पत्तियों के रस से त्वचा की देखभाल।

इन बाहरी उपायों के अलावा खाने-पीने पर नियंत्रण से भी सुन्दरता बनाए रखना। साथ ही स्वस्थ शरीर के लिए योग, कसरत जैसे उपाय सुझाए जाते है। कुल मिलाकर सुन्दरता के साथ-साथ अपने आप को स्वस्थ और आकर्षक बनाए रखने के लिए सभी देशी उपाए बताए जाते है।

यह सच भी है और विश्व में बड़े पैमाने पर मानी हुई बात है कि भारतीय परम्परा में योग से लेकर हल्दी, चन्दन और जड़ी-बूटियों से जो ख़ूबसूरती निखरती है उसका जवाब नहीं क्योंकि उसमें सुन्दरता के साथ शरीर स्वस्थ भी रहता है जबकि रसायनों से बने विदेशी मेकअप के सामान बेजान खूबसूरती देते है।

जो बात अपने उबटन में है वो फ़ेशियल में कहाँ ? तो कमलेश (पाठक) जी अपने देसी अध्ययन में डूब जाइए और सखियों-सहेलियों को गोते लगवाते रहिए।

1 comment:

Amit said...

vividh bharti ka khoobsoorat andaaz yaha blog par padh kar achcha laga..

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