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Thursday, April 3, 2008

विविध भारती की स्‍वर्ण जयंती पर अप्रैल की विशेष पेशकश- नये तरीक़े का कवि सम्‍मेलन: प्‍यार की बातें प्‍यार के गीत । आज दिन में ढाई बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक ।

रेडियोनामा पर कभी कभी मैं विविध भारती के मुख्‍य कार्यक्रमों की सूचना देने भी आता हूं । जैसा कि आप जानते हैं ये विविध भारती की स्‍वर्ण जयंती का वर्ष है । वर्ष भर हर महीने की तीन तारीख को विविध भारती अपने विशेष आयोजन करती है । अब तक के आयोजनों में जहां आपने विविध भारती के खजाने से अनमोल मोती अक्‍तूबर में सुने । तो नवंबर महीने में मशहूर कलाकार रीता भादुड़ी और राजीव वर्मा बन गये विविध भारती के उद्घोषक । फिर भारतीय नौसेना पोत विक्रांत से हमने एक ख़ास पेशकश की । और उसके अगले महीने में एक ख़ास आयोजन किया गया जिसका शीर्षक था -'प्‍यार हुआ इक़रार हुआ' । जिसमें अलग अलग उम्र के जोड़ों ने हिस्‍सा लिया और भाई रवि रतलामी ने उसे रेडियोनामा पर भी चढ़ाया । उसके बाद हम चले गये जैसलमेर और भारत पाकिस्‍तान की सीमा पर रामगढ़ में सीमा सुरक्षा बल के फौजियों के बीच कार्यक्रम किया ।

इस महीने की तीन तारीख़ को विविध भारती अपने विशेष कार्यक्रम जुबली झंकार में लेकर आ रही है एक विशेष पेशकश । जिसका नाम है--'प्‍‍यार की बातें प्‍यार के गीत' । ये एक ऐसा कवि सम्‍मेलन है जिसमें फिल्‍मी गीत और बहस दोनों शामिल हैं । दरअसल फिल्‍मों में ऐसे गीत आते रहे हैं जिनमें कमाल की साहित्यिकता है, उन्‍हें इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है । साथ में कुछ अहम मुद्दों पर आमंत्रित कवियों और शायरों से बातचीत- बहस मुबाहिसा भी किया गया है । जैसे साहित्‍य के व्‍यक्तियों को सिनेमा और सिनेमा के व्‍यक्तियों को साहित्‍य बहुधा कमतर क्‍यों समझता है  वग़ैरह । सारे मुद्दे यहीं बता दूंगा तो कार्यक्रम का क्‍या होगा ।

तीन घंटे के इस कार्यक्रम में शामिल हैं--

बालकवि बैरागी ।

निदा फ़ाज़ली ।

कुंवर बेचैन ।

राहत इंदौरी

और दीप्‍ती मिश्र ।

इस कार्यक्रम का संचालन आपके इस दोस्‍त यूनुस ख़ान ने किया है । आपको बता दिया जाये कि तीन घंटे में कवि सम्‍मेलन के कई दौर होंगे और बातचीत के दौर । और इस दौरान कवियों ने एक दूसरे की जो टांग खिंचाई की है उसमें भी आपको पूरा लुत्‍फ आयेगा । तो तैयार हो जाईये प्‍यार की बातें और प्‍यार के गीत सुनने के लिए । विविध भारती पर आज दिन में ढाई बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक । और बेबाकी के साथ बताईये कि बड़ी माथापच्‍ची के बाद तैयार किया गया ये कार्यक्रम आपको लगा कैसे ।

झलक दिखानी ज़रूरी है इसलिए आपको दिखाते हैं कुछ तस्‍वीरें ।

कुंवर बेचैन और निदा फ़ाज़ली

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दद्दा बालकवि बैरागी और राहत इंदौरी

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दीप्‍ती मिश्र और 'हम हशमत'

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फिर ना कहियेगा कि बताया नहीं और तस्‍वीरें नहीं दिखाईं । सुनिए सुनाईये सबको बताईये विविध भारती की स्‍वर्ण जयंती मनाईये । तीन अक्‍तूबर 2007 से तीन अक्‍तूबर 2008 तक हर महीने की तीन तारीख़ को विशेष कार्यक्रम ।

अरे कहां चले आप । ज़रा तीन अप्रैल यानी आज के बाक़ी कार्यक्रमों के बारे में भी तो जान लीजिए । दिन में बारह से साढ़े बारह बजे तक स्‍वर्ण जयंती के मौक़े पर बनाए गये तीन विशेष गीत और दिन भर के कार्यक्रमों का ब्‍यौरा सुनिएगा रेडियोसखी ममता सिंह और कमल शर्मा के संग ।

दिन में साढ़े बारह बजे से डेढ़ बजे तक सुनिए अमीन सायानी की आवाज़ में लोकेंद्र शर्मा का लिखा विशेष कार्यक्रम- विविध भारती के प्रेषित ( प्रायोजित ) कार्यक्रमों का इतिहास- भाग 2 ।

दिन में डेढ़ बजे से ढाई बजे तक होगा गोल्‍डन जुबली मनचाहे गीत । जिसे पेश करेंगे कमल शर्मा और आपकी रेडियो-सखी ममता सिंह ।


2 comments:

anitakumar said...

दोनो प्रोग्राम धांसू थे जी, अमीन सयानी जी का भी और आप का भी।

adam brown said...

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